सिंहासन बत्तीसी : दूसरी पुतली चित्रलेखा की कहानी

Sinhasan Battisi Hindi Kahani
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अगले दिन जैसे ही राजा भोज ने सिंहासन पर बैठना चाहा तो दूसरी पुतली बोली- जो राजा विक्रमादित्य जैसा गुणी हो, पराक्रमी हो, यशस्वी हो वही बैठ सकता है इस सिंहासन पर।

राजा ने पूछा, 'विक्रमादित्य में क्या गुण थे?'



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