कसाब के वकील अपनी पैरवी से संतुष्ट

मुंबई| भाषा| पुनः संशोधित शनिवार, 1 मई 2010 (14:32 IST)
अपने के ‘सबसे बड़े और चुनौती भरे’ मुकदमे पर फैसले का इंतजार कर रहे आतंकवादी के वकील अपने मुवक्किल को निर्दोष साबित करने के लिए की गयी पैरवी से संतुष्ट हैं।

ने बताया ‘मुझे उम्मीद है कि तीन मई को फैसला सुनाते वक्त अदालत कसाब को निर्दोष साबित करने के लिए किए गए बचाव पर गौर करेगी।’ कसाब ने एक मजिस्ट्रेट के समक्ष अपना अपराध स्वीकार किया था लेकिन बाद में वह मुकर गया।

उसने दावा किया कि वह पाकिस्तान में फरीदकोट का रहने वाला है और बतौर पर्यटक भारत आया था और आतंकवादी हमले से कुछ दिन पहले वह जुहू में था।
कसाब की अपराध में संलिप्तता के बारे में पवार ने कहा ‘अधिकांश समय उसने दावा किया कि उसने पुलिस के दवाब में बयान दिए। लिहाजा ऐसे बयानों की अधिक कानूनी मान्यता नहीं है।’

बचाव पक्ष के वकील ने कहा कि कसाब ‘काफी तेज और चालाक' है और वह कार्यवाही को समझता था हालाँकि वह अधिकांश मराठी में थी क्योंकि गवाहों ने उसी भाषा में बयान दिए।
पवार ने कहा कि कसाब ने मराठी सीख ली और मुझे बताया कि मामले में कैसे आगे बढ़ना है।

कसाब के वकील अब्बास काजमी को कार्यवाही में बाधा पहुँचाने के कारण न्यायाधीश एम एल टाहिलयानी द्वारा हटाने के बाद सुनवाई के अंतिम चरण में पवार बचाव पक्ष के वकील बने। पवार ने कहा कि उन्होंने अपने मुवक्किल के बचाव के लिए हर रोज 12 से 15 घंटे समय लगाया।
उन्होंने कहा ‘ 26/11 मामले में बचाव पक्ष का वकील नियुक्त किए जाने के बाद मैंने केवल इसी मामले पर पूरा ध्यान केन्द्रित किया। मेरे 13 साल के करियर में यह सबसे बड़ा और चुनौतीभरा मुकदमा है।’

उन्होंने बताया ‘सुनवाई के दौरान 600 से अधिक गवाहों ने गवाही दी। हमने भरपूर प्रयास बचाव के लिए किया। देखिए अब क्या फैसला आता है।’(भाषा)



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