वट सावित्री पूर्णिमा : पूजन का विधान

सौभाग्यवती महिलाओं का पर्व

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की पूर्णिमा को वट सावित्री के पूजन का विधान है। इस दिन महिलाएं दीर्घ सुखद वैवाहिक जीवन की कामना से वट वृक्ष की पूजा-अर्चना कर करती हैं।

लोककथा है कि सावित्री ने वट वृक्ष के नीचे पड़े अपने मृत पति को से जीत लिया था। सावित्री के दृढ़ निश्चय व संकल्प की याद में इस दिन महिलाएं सुबह से स्नान कर नए वस्त्र पहनकर, सोलह श्रृंगार करती हैं। वट वृक्ष की पूजा करने के बाद ही वे जल ग्रहण करती हैं।

वट सावित्री पूजन विधि :




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