शिवराज और उनका मंत्रिमंडल प्रधानमंत्री से मिलेगा

भोपाल| भाषा| पुनः संशोधित बुधवार, 28 मई 2014 (19:04 IST)
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भोपाल। मध्यप्रदेश में विकास के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करने हेतु मुख्यमंत्री और उनके मंत्रिमंडल के सदस्यों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मिलने की योजना बनाई है।


आधिकारिक सूत्रों के अनुसार इस बात का निर्णय मंगलवार को यहां मंत्रालय में चौहान की अध्यक्षता में आयोजित एक बैठक में लिया गया। इस बैठक में चौहान के अलावा प्रदेश के मंत्री तथा वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे।

सूत्रों ने कहा कि बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मध्यप्रदेश के विकास से संबंधित ऐसे महत्वपूर्ण मुद्दे जिन पर से सहयोग अपेक्षित है, उन पर सभी मंत्री अपने-अपने विभागों में समीक्षा कर एक सूची तैयारी कराएं।

उन्होंने (चौहान) मंत्रियों से कहा कि वे अगले 3 दिन में इस संबंध में अपने-अपने विभाग में बैठक लें। उन्होंने बताया कि विभागीय मंत्री स्वयं भी अपने विभाग से संबंधित केंद्रीय मंत्री से समय लेकर मिलेंगे।


मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि राज्य को तेज गति से आगे बढ़ाने में केंद्र सरकार का भरपूर योगदान लें। केंद्र सरकार के स्तर पर प्रदेश के लंबित मुद्दों पर तुरंत तैयारी करें और प्रदेश के विकास के लिए तत्काल पहल करें।
चौहान ने बैठक में कहा कि शहरी विकास, ग्रामीण विकास, पेयजल, सिंचाई आदि से संबंधित महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर जिनमें केंद्र से सहयोग चाहिए, तैयारी करें तथा प्रदेश के अधिकतम विकास के लिए केंद्र से लाभ मिल सकते हैं, इसे ध्यान रखकर तैयारी करें।

उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में जो बाधाएं मध्यप्रदेश सरकार ने पिछले वर्षों में अनुभव की है और जिनकी वजह से विकास कार्यों में देरी होती है, इस संबंध में भी केंद्र को सुझाव दे सकते हैं। साथ ही व्यावहारिक समस्याओं की जानकारी भी दें।
चौहान ने कहा कि पिछले वर्षों में केंद्र से वन एवं पर्यावरण संबंधी स्वीकृति में दिक्कतें आई हैं। मनरेगा में मजदूरी तथा सामग्री के व्यय का अनुपात पचास-पचास प्रतिशत करने का सुझाव, केंद्रीय करों में राज्यों का हिस्सा बढ़ाने जैसे सुझाव दिए जा सकते हैं।

उन्होंने कहा कि इसी तरह के सुझाव सभी विभाग अपने-अपने यहां देखें और विभागीय समीक्षा बैठकों में दिए गए निर्देशों पर तत्काल कार्रवाई करें। (भाषा)



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