कांग्रेस का इतिहास, चीन युद्ध का जिक्र नहीं

नई दिल्ली| भाषा| पुनः संशोधित रविवार, 2 जनवरी 2011 (20:33 IST)
कांग्रेस द्वारा हाल ही में पेश भारतीय इतिहास के ब्योरे में भारत-चीन के बीच 1962 में हुए युद्ध का जिक्र नहीं है। हालाँकि पाकिस्तान के साथ हुई जंग और उसके बाद बांग्लादेश बनने की कहानी इसमें विस्तार से दी गई है।


कांग्रेस की किताब में यह भी जिक्र है कि 1965 में जब पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ पूर्ण रूप से जंग शुरू की थी, तत्कालीन प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री ने दुनिया को दर्शाया था कि भारत किस तरह कम से कम संसाधनों के साथ अपनी धरती की रक्षा कर सकता है।

किताब में कहा गया कि 1971 की जंग को इंदिरा गाँधी की निजी सफलता के रूप में देखा गया। कुल मिलाकर उन्होंने बांग्लादेश को लेकर दुनिया भर में सहमति कायम की और अमेरिका को छोड़कर वह दुनिया के हर प्रमुख देश की राजधानी की यात्रा पर गईं।
इसमें कहा गया कि 1974 में भारत ने सफलतापूर्वक परमाणु परीक्षण किया और परमाणु क्लब का सदस्य बना। ‘कांग्रेस एंड दि मेकिंग ऑफ दि नेशन’ नामक पुस्तक में 1962 में चीन के साथ हुई जंग का कोई उल्लेख नहीं है।

इस किताब को प्रधानमंत्री मनमोहनसिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी ने हाल ही में संपन्न कांग्रेस महाधिवेशन के दौरान जारी किया था। किताब के मुख्य संपादक वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी हैं। मुखर्जी के मुताबिक यह किताब कांग्रेस के 125 साल पुराने इतिहास की झलक दिखलाती है। (भाषा)



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