प्रवासी भारतीयों के प्रेरणा स्रोत हैं गाँधी

नई दिल्ली| भाषा| पुनः संशोधित शुक्रवार, 8 जनवरी 2010 (19:19 IST)
पर आतंकी हमला, के प्रसार और दुनिया मे बढ़ती असहिष्णुता के बीच प्रवासी भारतीयों के लिए महात्मा गाँधी आज भी प्रेरणा के स्रोत हैं और दिवस समारोह में देश दुनिया से हिस्सा लेने आए लोगों ने एक स्वर से बापू के संदेश को विश्व के लिए पथ प्रदर्शक बताया है।

न्यूजीलैंड से आए प्रवासी भारतीय अल्विन एविन राम ने कहा कि न्यूजीलैंड की आबादी लगभग 44 लाख है और वहाँ भारतीय समुदाय के लगभग तीन हजार लोग रहते हैं।

पूँजीवाद और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी क्रांति के बीच न्यूजीलैंड में भारतीय समुदाय के लिए महात्मा गाँधी का अहिंसा का पाठ मार्गदर्शक है।
उन्होंने कहा कि मुंबई पर आतंकी हमला और दुनिया में बढ़ती असहिष्णुता के मद्देनजर लोगों को बापू की शिक्षा से प्रेरणा लेने की जरूरत है।

महात्मा गाँधी की शिक्षा का प्रचार-प्रसार करने वाली संस्था ‘टाइमलेस महात्मा ट्रस्ट्र’ के संयोजक सखामित्रा अश्विनी ने कहा कि हम दुनिया के 101 देशों में महात्मा गाँधी के विश्व शांति के संदेश का प्रचार-प्रसार करने का काम कर रहे हैं।
बापू के सफर को ऑडियो की शक्ल देकर, शांति पर ‘इंस्ट्रूमेंटल म्यूजिक’ के अलावा भारतीय शास्त्रीय संगीत और नृत्य पर लाइव प्रस्तुति के माध्यम से हम इस उद्देश्य को आगे बढ़ा रहे हैं।

अश्विनी ने कहा कि युवाओं और नई पीढ़ी में महात्मा गाँधी के संदेश का प्रचार-प्रसार करने के लिए हम 11 से 13 जनवरी 2010 को राजघाट पर प्रदर्शनी का आयोजन कर रहे हैं। इसका उद्घाटन वित्त राज्यमंत्री नमो नारायण मीणा और यूनेस्को के भारत चैप्टर के निदेशक परशुरामन अरमुगम करेंगे।
सम्मेलन में हिस्सा लेने आई दक्षिण अफ्रीका की अप्रवासी भारतीय सहारा ने कहा कि भारत की यह मेरी दूसरी यात्रा है। 10 वर्ष पहले मैं यहाँ छुट्टियाँ बिताने आई थी। तब के भारत और आज के भारत में आमूलचूल बदलाव आया है।

उन्होंने कहा कि भारत ने प्रत्येक क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति दर्ज की है लेकिन इन वर्षों में भारत में हिंसा, असहिष्णुता में भी वृद्धि हुई है। दुनिया को विश्व शांति का संदेश देने वाला देश आतंकवाद का शिकार हो रहा है। भारत और दुनिया को आज एक और महात्मा गाँधी की सख्त जरूरत है। (भाषा)

 

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