शिवराज मंत्रिमंडल का विस्तार होगा

भोपाल (भाषा)| भाषा|
के ने संकेत दिए हैं कि आगामी विधानसभा सत्र के पहले भी किया जा सकता है।

चौहान ने कहा कि मंत्रिमंडल का विस्तार किया जाना तय है लेकिन इस बारे में उनकी संगठन स्तर पर अभी चर्चा नहीं हो सकी है और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से चर्चा के बाद ही तय किया जाएगा कि मंत्रिमंडल विस्तार विधानसभा सत्र के बाद किया जाए या पहले।

प्रदेश में कांग्रेस द्वारा भ्रष्टाचार को एक मुख्य मुद्दा बनाए जाने संबंधी प्रश्न के उत्तर में चौहान ने कहा कि भ्रष्टाचार अकेले म.प्र. का नहीं बल्कि पूरे देश का मुद्दा बन गया है। उन्होंने कहा कि हमने भ्रष्टाचार को समाप्त करने के लिए काम किया है और आगे भी करते रहेंगे।
प्रदेश में बिजली की खराब स्थिति के संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने स्वीकार किया कि इस दिशा में अभी काफी कुछ किया जाना बाकी है। उन्होंने कहा कि पिछले पाँच साल के भाजपा शासनकाल के दौरान 3100 मेगावाट बिजली का उत्पादन बढ़ाया गया था लेकिन इनमें से 80 प्रतिशत जल विद्युत परियोजनाएँ थीं और दुर्भाग्यवश पानी नहीं गिरने के कारण बाँध नहीं भर पाए और अब हम इनमें से 200 मेगावाट बिजली ही बना पा रहे हैं।
चौहान ने बताया कि रिलायंस एवं एस्सार जैसी कई विद्युत परियोजनाएँ पाइप लाइन में हैं तथा इनके आने के बाद प्रदेश बिजली के मामले में आत्मनिर्भर हो जाएगा।

एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने इस बात से इनकार किया कि मध्यप्रदेश में बिजली की दरें अन्य राज्यों से अधिक हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश एकमात्र ऐसा राज्य है जहाँ अन्य राज्यों की तुलना में किसानों को 75 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान की जा रही है।
उन्होंने कहा कि वैसे भी बिजली की दरें सरकार तय नहीं करती बल्कि बिजली की उत्पादन लागत को देखते हुए विद्युत नियामक आयोग द्वारा दरें तय की जाती हैं।

मुख्यमंत्री ने इस बात से भी इनकार किया कि बिजली के बिल अदा नहीं किए जाने को लेकर प्रदेश में बड़ी संख्या में किसानों को जेल भेजा गया है। उन्होंने कहा कि जो भी जेल गया है, वह बिजली चोरी के मामले में जेल गया है।
एक अन्य प्रश्न के उत्तर में चौहान ने कहा कि विधानसभा चुनाव के बाद एक सौ दिनी कार्ययोजना बनाकर काम किया गया था जिसे काफी सफलता मिली थी और अब साढ़े चार साल की कार्ययोजना बनाकर लक्ष्य तय किए जाएँगे और योजनाबद्ध ढंग से उन्हें पूरा किया जाएगा।



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