बीस प्रतिशत विधायकों का दामन दागदार

नई दिल्ली (वार्ता)| वार्ता| पुनः संशोधित रविवार, 14 दिसंबर 2008 (16:56 IST)
पाँच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों के नतीजों से एक बार फिर साबित हो गया कि धन और बाहुबल चुनावी प्रक्रिया को काफी हद तक प्रभवित करते हैं। इस बार चुनावी मैदान फतह करने वाले 40 प्रतिशत विधायक करोड़पति हैं, जबकि कम से कम 20 प्रतिशत आपराधिक पृष्ठभूमि के हैं।

न्यू इलेक्शन वॉच कम्पैन के तहत एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) द्वारा किया गया अध्ययन में यह बात सामने आई है। दिल्ली, राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ एवं मिजोरम में कुल 628 सीटों के लिए हुए चुनाव में 125 सीटें बाहुबलियों को प्राप्त हुई हैं, जबकि 248 सीटें करोड़पतियों के कब्जे में आई हैं।
मध्यप्रदेश के 54, राजस्थान के 30 और छत्तीसगढ़ के 11 बाहुबली विधायक चुन कर आए हैं। दिलचस्प बात है कि मिजोरम में चुनाव मैदान में उतरे आपराधिक पृष्ठभूमि के तीनों उम्मीदवारों ने जीत हासिल की है। दिल्ली में कांग्रेस के आपराधिक पृष्ठभूमि के 59 और भारतीय जनता पार्टी के 49 विधायकों ने चुनाव जीता है।

इस बार कुछ नए विधायक चुन कर आए हैं, जिन पर हत्या, हत्या का प्रयास, जबरन उगाही, धांधली, महिलाओं पर हमला आदि जैसे गंभीर आरोप हैं। इनमें से 13 मध्यप्रदेश के, 9 राजस्थान के, छह दिल्ली के, चार छत्तीसगढ़ के और तीन मिजोरम के हैं।
इस बार के विधानसभा चुनावों में 40 प्रतिशत सीटों पर फतह करने वाले 82 मध्यप्रदेश के, 85 राजस्थान के, 46 दिल्ली के, 23 छत्तीसगढ़ के एवं 12 मिजोरम के करोड़पति हैं।



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