घटेगी सेकंड हैंड कारों की बिक्री

चेन्नई (भाषा)| भाषा|
टाटा की बहुप्रतीक्षित लखटकिया कार नैनो के अंततः लांच होने से डीलरों को इस्तेमालशुदा (सेकंड हैंड) कारों की बिक्री में करीब 30-40 फीसदी की गिरावट आने का अनुमान है।

सेकंड हैंड कारों की बिक्री करने वाली माईटीवीएस के अध्यक्ष आर. श्रीवत्सन ने बताया कि कीमत कम होने से सेकंड हैंड कार खरीदने वाले ज्यादातर ग्राहकों का रुख नैनो की ओर होगा।

उन्होंने कहा यही वजह है कि हमें ए और बी खंड के वाहनों के बाजार में बिक्री 30-40 फीसदी तक घटने का अनुमान है। हालाँकि एक बार नैनो के सड़क पर उतरने पर ही हम सही स्थिति जान सकेंगे।
उन्होंने कहा कि नैनो की डिजाइन खूबसूरत है और इसकी ओर बड़ी तादाद में लोग खिंचे चले आ रहे हैं। नैनो के लिए बुकिंग शुरू होने पर सेकंड हैंड कारों के खरीदारों की संख्या घटेगी।

उन्होंने कहा कि शुरुआत में इस्तेमालशुदा कारों विशेष तौर पर मारुति 800, आल्टो और हुंदै सैंट्रो रेंज की कारों की बिक्री में गिरावट आ सकती है।
श्रीवत्सन ने कहा कि आम धारणा बन गई है कि एक लाख रुपए में सेकंड हैंड कार खरीदने के बजाय नई ब्रांड की नैनो खरीदना बेहतर है। हालाँकि अगर नैनो का निष्पादन बेहतर रहता है तो इस तरह की कारों के लिए दिक्कतें पैदा हो जाएँगी।

इंडिया ऑटोमोबाइल डॉट काम के प्रमुख ए. विग्नेश का कहना है कि टाटा नैनो की औपचारिक लांचिंग से छोटी कारों की बिक्री में 10-15 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।



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