अप्रत्यक्ष कर वसूली को लेकर आश्वस्त हैं प्रणब मुखर्जी

नई दिल्ली| भाषा| पुनः संशोधित बुधवार, 22 फ़रवरी 2012 (17:15 IST)
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वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने आज उम्मीद जताई कि आर्थिक गतिविधियों के नरम पड़ने के बावजूद 31 मार्च 2012 को समाप्त हो रहे चालू वित्त वर्ष में (उत्पाद और सीमाशुल्क) की वसूली के लक्ष्य हासिल हो जाएंगे।


वर्ष 2011-12 के बजट प्रस्तावों में 3.92 लाख करोड़ रुपए के अप्रत्यक्ष कर की प्राप्ति का अनुमान लगाया गया है। मुखर्जी ने आज कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि विभाग (केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड) लक्ष्य हासिल करने के प्रयास में कोई कसर नहीं छोड़ेगा। वास्तव में, ऐसे संकेत पहले से ही दिखने लगे हैं (कि बजट अनुमान हासिल हो रहा है)। मुखर्जी यहां सीमा शुल्क और केंद्रीय उत्पाद शुल्क विभाग के अधिकारियों को राष्ट्रपति पुरस्कार प्रदान करने के लिए आयाजित समारोह को संबोधित कर रहे थे।
वित्त मंत्री ने कहा कि राजकोषीय मोर्चे पर चुनौतियों के बावजूद चालू वित्त वर्ष में अप्रत्यक्ष कर की वसूली अच्छी रही है। उन्होंने कहा कि जनवरी 2012 तक के वसूली के आंकड़ों से सकेत मिल रहा है कि अप्रत्यक्ष कर की वसूली पिछले साल की तुलना में कुछ बेहतर चल रही है। सरकार ने चालू वित्त वर्ष के लिए अप्रत्यक्ष करों से 3.92 लाख करोड़ रुपए की राजस्व प्राप्ति का अनुमान लगाया है। जनवरी तक वसूली 3.17 लाख करोड़ रुपए थी। इससे पिछले वर्ष में अप्रैल-जनवरी की इसी अवधि में अप्रत्यक्ष कर वसूली 2.75 लाख करोड़ रुपए थी।

वैश्विक परिस्थितियों और देश में कर्ज आदि के महंगा होने तथा नीतिगत पहल के अभाव में चालू वित्त वर्ष के दौरान सकल आर्थिक वृद्धि 6.9 प्रतिशत तक सीमित रहने का अनुमान है जबकि बजट के समय इसके 9 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया था। इसके बावजूद पहले 10 माह में अप्रत्यक्ष कर वसूली बजट अनुमान के 81 प्रतिशत तक पहुंच गई है जो अच्छी उपलब्धि समझी जा रही है। (भाषा)



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