मंगलवार, 7 फ़रवरी 2023
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Written By ND

मौसम विज्ञान में कैरियर संभावनाएं

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यह माना जाता था कि मौसम का संबंध केवल खेती-किसानी से ही है तो अब यह धारणा पुरानी हो चुकी है। सैटेलाइट के इस युग में सुनामी तूफान से बचाने की कवायद से लेकर एयरलाइंस की उड़ानों, जहाजों के परिवहन से लेकर खेल मैदानों की हलचल में मौसम विज्ञान महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

यही कारण है कि सरकारी विभागों से लेकर मौसम विज्ञान की भविष्यवाणी करने वाली प्रयोगशालाओं, अंतरिक्ष विभाग और टेलीविजन चैनल पर मौसम विज्ञान एक अच्छे करियर की दावत दे रहा है। यदि आपको हवा, बादल, समुद्र, बरसात, धुंध-कोहरे, आंधी-तूफान और बिजली में दिलचस्पी है तो मौसम विज्ञान का क्षेत्र न केवल आपकी इन क्षेत्रों की जिज्ञासाओं की पूर्ति करेगा, बल्कि एक शानदार करियर भी प्रदान करेगा।

यह क्षेत्र इतना विस्तृत है कि इस क्षेत्र में अध्ययन कर अपनी अभिरुचि के अनुसार परिचालन, अनुसंधान तथा अनुप्रयोग अर्थात ऑपरेशंस-रिसर्च या एप्लिकेशंस के क्षेत्र में बहुआयामी करियर बनाया जा सकता है। ऑपरेशंस के तहत मौसम उपग्रहों, राडार, रिमोट सेंसर तथा एयर प्रेशर, टेम्प्रेचर, एनवायरमेंट, मिडिटी से संबंधित सूचनाएं एकत्रित कर मौसम की भविष्यवाणी की जाती है।

यह भविष्यवाणी समुद्र में आने वाले तूफान तथा चक्रवाती हवाओं से मछुआरों तथा समुद्री राह में चलने वाले जहाजों को सुरक्षा प्रदान कर जान-माल के नुकसान से बचाने का कार्य करती है। इस क्षेत्र में करियर बनाने के लिए क्लाइमेटोलॉजी, हाइड्रोमेटोलॉजी, मेरिन मीट्रियोलॉजी और एविएशन मीट्रियोलॉजी में विशेषता हासिल करना होता है।

शोध कार्य के लिए मौसम विज्ञान में काफी अच्‍छी संभावनाएं हैं। मौसम के आधार पर ही उपग्रहों को अंतरिक्ष में भेजा जाता है, फसलों का आकलन किया जाता है और अब तो खेल के मैदान में खिलाड़ी भी मौसम का हाल जानकर ही खेलने या न खेलने का निर्णय लेने लगे हैं।

मौसम विज्ञान से जुड़े शोधार्थी मौसम के विशेष अवयवों हवा, नमी, तापमान संबंधी सूचनाओं और आंकड़ों का विश्लेषण करते हैं तथा यह तय करते हैं कि मौसम का मिजाज कैसा रहेगा।

मौसम विधा के जानकारों की मांग बढ़ी है
देश में कई ऐसे विश्वविद्यालय एवं सस्थान हैं, जो मौसम विज्ञान में डिग्री, डिप्लोमा एवं पीएचडी की उपाधि देते हैं। मौसम विज्ञान में करियर बनाने के इच्छुक कैंडिडेट्स मौसम विज्ञान एवं समुद्र विज्ञान में स्नातक एवं स्नातकोत्तर के साथ ही मीटीऑरेलॉजी में एक वर्षीय डिप्लोमा कर सकते हैं। शिपिंग से लेकर एविएशन व रिमोट सेंसिग के क्षेत्र में भी अपना करियर बना सकते हैं। इतना ही नहीं सेना में भी मौसम सलाहकार के रूप में नौकरी पा सकते हैं। इस क्षेत्र में करियर बनाने के लिए आपको विज्ञान विषय में अच्छे नंबरों और उसकी रुचि होना जरूरी है।

यहां से करें कोर्स
- इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ ट्रॉपिकल मीटियरोलॉजी
- आईआईटी खड़गपुर
- इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस, बेंगलुरू
- शिवाजी यूनिवर्सिटी, कोल्हापुर