तरुण सागर जी के कड़वे प्रवचन

क्रांतिकारी राष्ट्रसंत मुनिश्री तरूणसागरजी के कड़वे प्रवचन

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* एक आदमी ने ईश्वर से पूछा- आपके प्रेम और मानवीय प्रेम में क्या अंतर है? ईश्वर ने कहा- आसमान में उड़ता पंछी मेरा प्रेम है और पिंजरे में कैद पंछी मानवीय प्रेम है। प्रेम में अद्भुत शक्ति है। किसी को जीतना है तो आप उसे तलवार से नहीं, प्यार से ही जीत सकते हैं। तलवार से उसे आप हरा सकते हैं, पर उससे जीत नहीं सकते हैं।
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