नरेन्द्र मोदी से क्यों 'दूर' हैं शिवराज..?

-वेबदुनिया चुनाव डेस्क

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दरअसल, नेटवर्क 18 के गूगल हैंगआउट कार्यक्रम में शिवराज लोगों के जवाब दे रहे थे। इस दौरान एक बार फिर मोदी से उनकी दूरियां दिखाई दीं। इससे पहले नर्मदा-क्षिप्रा लिंक परियोजना के शुभारंभ अवसर पर भी विज्ञापनों से मोदी का चेहरा गायब था, जबकि स्वामी रामदेव तक उनमें मौजूद थे। हालांकि मोदी के विरुद्ध शिवराज कभी भी खुलकर नहीं बोलते, लेकिन नहीं बोलकर भी कई बार बहुत कुछ बोल जाते हैं।

जब एक व्यक्ति ने यह सवाल दाग दिया कि आपके पीछे अटल, आडवाणी की तस्वीरें हैं तो फिर मोदी क्यों नहीं? इस सवाल पर शिवराज असहज हो गए और उत्तर को उन्होंने पूरी तरह घुमा दिया। उन्होंने कहा कि शीर्ष नेताओं का सम्मान हमारे दिल में हैं। हम सबका सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा कि मोदीजी के नेतृत्व में हम चुनाव लड़ रहे हैं।

उल्लेखनीय है शिवराज को लालकृष्ण आडवाणी के काफी करीब माना जाता है और पिछले दिनों आडवाणी को भोपाल से चुनाव लड़ने की पेशकश की गई थी। इसके पीछे कहीं न कहीं मोदी का विरोध ही माना जा रहा था।
मध्यप्रदेश के मुख्‍यमंत्री शिवराजसिंह चौहान जब 'गूगल हैंगआउट' में लोगों से बात कर रहे थे तो उनके पीछे नरेन्द्र (विवेकानंद) तो थे, लेकिन नमो (नरेन्द्र मोदी) नहीं थे। शिवराज के पीछे वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी के भी चित्र दिखाई दे रहे थे, नहीं दिख रहे थे तो सिर्फ भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेन्द्र मोदी।



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