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Written By ND

भाजपा नेताओं में मचा घमासान

चुनाव 2008
- सुबोध जैन, नई दिल्ली। कार्यकर्ताओं को अनुशासन का पाठ पढ़ाने वाले वरिष्ठ भाजपा नेता टिकट बंटवारे को लेकर खुद ही उलझ गए। प्रदेश चुनाव समिति से केंद्रीय समिति तक में हुई तकरार ने 13 सीटें विवाद में डाल दी हैं। राष्ट्रीय नेता तक अपने खास लोगों को मैदान में उतारने के लिए उत्सुक हैं।

टिकट ँटवारे में हो रही बंदरबाँट पर आज प्रदेश चुनाव समिति में जमकर गर्मा गर्मी हुई। पूर्व सांसद ओमप्रकाश कोहली ने पटपड़गंज सीट पर बाहरी उम्मीदवार को टिकट देने पर एतराज जताया। यहाँ से युवा नेता नकुल भारद्वाज पर हुए विवाद के बाद प्रदेशाध्यक्ष डा. हर्षवर्धन ने नीरा शास्त्री का नाम सामने कर दिया। कोहली उन्हें टिकट न देने के लिए अड़ गए। इससे नाराज नीरा शास्त्री बैठक से बाहर आ गई।

विश्वास नगर सीट पर पार्टी महासचिव अरूण जेटली के राजनीतिक सचिव ओपी शर्मा को टिकट देने के फैसले से नाराज कोहली भी बैठक छोड़कर घर चले गए। चाँदनी चौक से प्रवीण खंडेलवाल व मटिया महल से तलत सुल्ताना को टिकट देने के फैसले से नाराज भाजपा महासचिव विजय गोयल, प्रो. वीके मल्होत्रा से भिड़ गए। मगर अपने लोगों को टिकट दिलाने के उत्सुक नेता प्रो. मल्होत्रा के पक्ष में बोलने लगे। इससे नाराज गोयल भी बैठक से बाहर आ गए।

सूत्र बताते हैं बिजवासन सीट पर युवा नेता जयवीर राणा का नाम भी चल रहा था। मगर प्रदेश महासमंत्री पवन शर्मा सतप्रकाश राणा के नाम पर अड़ गए। उन्होंने त्यागपत्र तक की धमकी दे दी। जिसके चलते सतप्रकाश राणा का नाम तय कर दिया गया। सूत्र कहते हैं कि पार्टी ने आज कुल 57 सीटों को अंतिम रूप दे दिया था। इनमें चाँदनी चौक से खंडेलवाल, मटियाला से तलत सुल्ताना, विकासपुरी से वाणी त्रिपाठी व मटियाला से किशन गहलौत के नाम शामिल थे। लेकिन केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में हुए विवाद के बाद इन चारों सीटों पर प्रत्याशी घोषित नहीं किए गए।

अपने लोगों को टिकट दिलाने के लिए नेताओं में हो रहे विवाद के कारण बुराड़ी, नांगलोई जाट, सदर बाजार, विकासपुरी, नजफगढ़, त्रिलोकपुरी, पटपडगंज, लक्ष्मीनगर, सीलमपुर व मुस्तफाबाद सीट के प्रत्याशियों के नाम घोषित नहीं हो सके हैं।
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