रोबोटिक्स का रोचक करियर

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के कोर्स
रोबोटिक्स का वह क्षेत्र है, जो की डिजाइन तथा एप्लिकेशन से संबंधित है तथा इसमें मेनिपुलेशन तथा प्रोसेसिंग के लिए कम्प्यूटर का उपयोग किया जाता है। उद्योगों में रोबोट्स का उपयोग निर्माण प्रक्रिया को तेज करने के लिए किया जाता है।
इन्हें न्युक्लियर साइंस, सी-एक्सप्लोरेशन, इलेक्ट्रिकल सिग्नल्स की ट्रांसमिशन सर्विस, बायोमेडिकल इक्विपमेंट की डिजाइनिंग आदि के लिए उपयोग में लाया जाता है। रोबोटिक्स के लिए कम्प्यूटर इंटीग्रेटेड मैन्यूफैक्चरिंग, मैकेनिकल, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, बायोलॉजिकल मैकेनिक्स, सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग का एप्लिकेशंस आवश्यक होता है।
योग्यता
चूँकि रोबोटिक्स एक इंटर-डिसिप्लिनरी कोर्स है। इसलिए इसमें उन छात्रों के लिए आमंत्रण है, जिन्होंने मैकेनिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, इंस्ट्रूमेंटेशनल इंजीनियरिंग या कम्प्यूटर इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन किया हो तथा जिनकी रोबोटिक्स तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में अभिरुचि हो।
सामान्यतः रोबोटिक्स के लिए बी टेक या बीई कम्प्यूटर, आईटी, मैकेनिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिकल को आदर्श योग्यता माना जाता है। आईआईटी दिल्ली, कानपुर, मुंबई, चेन्नई, खड़गपुर, गुवाहाटी तथा रूड़की सहित कई इंजीनियरिंग संस्थानों द्वारा रोबोटिक्स तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में कार्यक्रम संचालित किए जाते हैं।

रोजगार के अवसर रोबोटिक्स एक उभरता हुआ क्षेत्र है। इसलिए यहाँ रोजगार के नए-नए और बेहतरीन अवसर उपलब्ध हैं। रोबोटिक्स में बनाने वाले या तो इंडस्ट्रीयल रोबोट्स के निर्माण या एप्लिकेशन स्पेसिफिक रोबोट के क्षेत्र जैसे कि बम निष्क्रिय करने के काम तथा अन्य सुरक्षा कार्यों में रोबोट के उपयोग से संबंधित कार्य कर सकता है। रोबोट से वैक्यू क्लीनिंग जैसे घरेलू काम भी लिए जा सकते हैं। रोबोटिक्स के क्षेत्र में सतत अनुसंधान जारी है। इस क्षेत्र में भी करियर निर्माण की अपार संभावना है।
भारत में स्कोप
रोबोटिक्स में एमई करने वाले छात्र इसरो जैसे अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन में रोजगार के विशिष्ट अवसर प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही माइक्रोचिप बनाने वाले उद्योगों में भी उनकी खासी माँग है। उनके आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में अनुसंधान में कार्य करने के लिए आईआईटी के दरवाजे भी खुले हुए हैं। इतना ही नहीं, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑव बायोलॉजी भी रोबोटिक्स तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में अनुसंधान के लिए फैलोशिप प्रदान की है।



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