Daily Horoscope

बाबासाहेब अंबेडकर पर कविता : मैं नतमस्तक हो बाबा, श्रद्धा के फूल चढ़ाऊं

Updated: सोमवार, 13 अप्रैल 2020 (17:25 IST)
मैं नतमस्तक हो बाबा, श्रद्धा के फूल चढ़ाऊं, 
जय भीमा, जय भीमा, तेरे चरणों की धूल कहाऊं!!
 
अर्थशास्त्री, कानून के ज्ञाता, भीमाबाई धर्मज्ञा माता, 
आधुनिक राष्ट्र के निर्माता, जिंदा तुमसे है मानवता।
 
तेरे लक्ष्यों पे चल-चल के, तेरा हिन्दुस्तान कहाऊं,
जय भीमा, जय भीमा, तेरे चरणों की धूल कहाऊं!!
 
संविधान के शिल्प विधाता, भारतरत्न विश्वविख्याता, 
बाबा तेरा नाम जब आता, सर मेरा ऊंचा उठ जाता।
 
हौसलों के पंख लगाकर, मैं भी तूफान कहाऊं,
जय भीमा, जय भीमा, तेरे चरणों की धूल कहाऊं!!
 
शिक्षित अधिकार दिलाता, नारी को नई दिशा दिखाता,
छुआछूत का भूत भगाता, मानव को वरदान दिलाता।
 
संस्कारों का राह पे चलकर, मैं भारत का मान कहाऊं,
जय भीमा, जय भीमा, तेरे चरणों की धूल कहाऊं!!
लेखक के बारे में
डॉ. निशा माथुर

Show comments

सभी देखें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

सभी देखें

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वैश्विक मंच पर बढ़ायी भारत की प्रतिष्ठा और मान-सम्मान

नया भारत, नई उड़ान: मोदी युग में आत्मविश्वास का नया शिखर

17 सितंबर जन्मदिन पर विशेष: भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बारे में 25 दिलचस्प बातें

भारत के राष्ट्र-निर्माता और इंजीनियरिंग के मसीहा: सर एम. विश्वेश्वरैया

हिंदी दिवस विशेष: जानिए कैसे हिंदी राष्ट्रभाषा के गौरव से वंचित रह गई?

अगला लेख