sawan somwar

Khatu Shyam Chalisa : श्री खाटू श्याम चालीसा - श्याम-श्याम भजि बारंबारा

Written By WD Feature Desk
Updated: सोमवार, 23 फ़रवरी 2026 (17:25 IST)
Khatu Shyam
 

श्री श्याम चालीसा एक भक्ति गीत है जो श्री खाटू श्याम पर आधारित है। यहां पढ़ें उनका प्रिय चालीसा का पाठ- 
 
दोहा
 
श्री गुरु चरणन ध्यान धर, सुमीर सच्चिदानंद।
 
श्याम चालीसा बणत है, रच चौपाई छंद।
 
श्याम-श्याम भजि बारंबारा। सहज ही हो भवसागर पारा।
 
इन सम देव न दूजा कोई। दिन दयालु न दाता होई।।
 
भीम सुपुत्र अहिलावाती जाया। कही भीम का पौत्र कहलाया।
 
यह सब कथा कही कल्पांतर। तनिक न मानो इसमें अंतर।।
 
बर्बरीक विष्णु अवतारा। भक्तन हेतु मनुज तन धारा।
 
बासुदेव देवकी प्यारे। जसुमति मैया नंद दुलारे।।
 
मधुसूदन गोपाल मुरारी। वृजकिशोर गोवर्धन धारी।
 
सियाराम श्री हरि गोबिंदा। दिनपाल श्री बाल मुकुंदा।।
 
दामोदर रण छोड़ बिहारी। नाथ द्वारिकाधीश खरारी।
 
राधाबल्लभ रुक्मणि कंता। गोपी बल्लभ कंस हनंता।।
 
मनमोहन चित चोर कहाए। माखन चोरि-चारि कर खाए।
 
मुरलीधर यदुपति घनश्यामा। कृष्ण पतित पावन अभिरामा।।
 
मायापति लक्ष्मीपति ईशा। पुरुषोत्तम केशव जगदीशा।
 
विश्वपति जय भुवन पसारा। दीनबंधु भक्तन रखवारा।।
 
प्रभु का भेद न कोई पाया। शेष महेश थके मुनिराया।
 
नारद शारद ऋषि योगिंदरर। श्याम-श्याम सब रटत निरंतर।।
 
कवि कोदी करी कनन गिनंता। नाम अपार अथाह अनंता।
 
हर सृष्टी हर सुग में भाई। ये अवतार भक्त सुखदाई।।
 
ह्रदय माहि करि देखु विचारा। श्याम भजे तो हो निस्तारा।
 
कौर पढ़ावत गणिका तारी। भीलनी की भक्ति बलिहारी।।
 
सती अहिल्या गौतम नारी। भई श्रापवश शिला दुलारी।
 
श्याम चरण रज चित लाई। पहुंची पति लोक में जाही।।
 
अजामिल अरु सदन कसाई। नाम प्रताप परम गति पाई।
 
जाके श्याम नाम अधारा। सुख लहहि दुःख दूर हो सारा।।
 
श्याम सलोवन है अति सुंदर। मोर मुकुट सिर तन पीतांबर।
 
गले बैजंती माल सुहाई। छवि अनूप भक्तन मान भाई।।
 
श्याम-श्याम सुमिरहु दिन-राती। श्याम दुपहरि कर परभाती।
 
श्याम सारथी जिस रथ के। रोड़े दूर होए उस पथ के।।
 
श्याम भक्त न कही पर हारा। भीर परि तब श्याम पुकारा।
 
रसना श्याम नाम रस पी ले। जी ले श्याम नाम के ही ले।।
 
संसारी सुख भोग मिलेगा। अंत श्याम सुख योग मिलेगा।
 
श्याम प्रभु हैं तन के काले। मन के गोरे भोले-भाले।।
 
श्याम संत भक्तन हितकारी। रोग-दोष अध नाशे भारी।
 
प्रेम सहित जब नाम पुकारा। भक्त लगत श्याम को प्यारा।।
 
खाटू में हैं मथुरावासी। पारब्रह्म पूर्ण अविनाशी।
 
सुधा तान भरि मुरली बजाई। चहु दिशि जहां सुनी पाई।।
 
वृद्ध-बाल जेते नारि नर। मुग्ध भये सुनि बंशी स्वर।
 
हड़बड़ कर सब पहुंचे जाई। खाटू में जहां श्याम कन्हाई।।
 
जिसने श्याम स्वरूप निहारा। भव भय से पाया छुटकारा।
 
 
दोहा
 
श्याम सलोने संवारे, बर्बरीक तनुधार।
इच्छा पूर्ण भक्त की, करो न लाओ बार।। 
 
ALSO READ: Khatu Shyam Ji ki Aarti : ॐ जय श्री श्याम हरे

लेखक के बारे में
WD Feature Desk
अनुभवी लेखक, पत्रकार, संपादक और विषय-विशेषज्ञों द्वारा लिखे गए गहन और विचारोत्तेजक आलेखों का प्रकाशन किया जाता है।.... और पढ़ें

Show comments

सभी देखें

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?

चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय

सभी देखें

Weekly Horoscope: 03 से 09 अगस्त 2026 का साप्ताहिक राशिफल, जानें किस राशि के खुलेंगे भाग्य

Weekly Numerology Horoscope: साप्ताहिक अंक भविष्यफल 03 अगस्त से 9 अगस्त 2026): जानें आपके मूलांक का सटीक राशिफल

02 August Birthday: आपको 2 अगस्त, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (2 अगस्‍त, 2026)

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 02 अगस्‍त 2026: रविवार का पंचांग और शुभ समय