suvichar

वेबदुनिया और हिन्दी एक दूसरे के पर्याय- प्रकाश हिन्दुस्तानी

Updated: गुरुवार, 25 सितम्बर 2014 (19:57 IST)
वरिष्ठ पत्रकार और वेबदुनिया के पहले संपादक प्रकाश हिन्दुस्तानी ने कहा कि 23 सितंबर 1999 को शुरु हुआ इसका सफर अपने आप में विलक्षण रहा है। वेबदुनिया ने अपने 15 साल के सफर में बहुत उपलब्धियां भी हासिल की हैं। आज के दौर में यह पोर्टल कई देशों में हिन्दी का पर्याय बन गया है।

उन्होंने कहा कि इंटरनेट वह माध्यम है, जिसमें प्रिंट की भी खूबियां हैं और टेलीविजन की भी। हालांकि शुरुआती दौर में तो इंटरनेट की कनेक्टिविटी बहुत कम होती थी। मोबाइल भी गिने-चुने थे। मोबाइल पर इंटरनेट होता नहीं था। मगर चीजें तेजी से बदली हैं। इसका फायदा वेबदुनिया को और उसके पाठकों को भी होगा।

 
हिन्दुस्तानी ने कहा कि अब आश्चर्य होता है कि जो काम आज अमेजोन कर रहा है, वह वेबदुनिया पहले ही कर चुका है। इस दौर में बहुत सारे दबाव और लाचल भी रहे कि आप हिन्दी या अन्य भारतीय भाषाएं छोड़ दें और अंग्रेजी को अपना लें या दूसरी यूरोपीय भाषा अपना लें तो ज्यादा कमाई सकते हैं, लेकिन वेबदुनिया के प्रबंधकों की यह नीति सराहनीय कही जाएगी कि उन्होंने हिन्दी और अन्य भारतीय भाषाओं का दामन नहीं छोड़ा। आज दुनिया के कई देशों में वेबदुनिया और हिन्दी एक दूसरे के पर्याय हैं।

वेबदुनिया ने अपने 15 साल के सफर में बहुत उपलब्धियां हासिल की हैं और अभी और भी करना है। वेबदुनिया एक सशक्त मंच बनकर उभरा है, जो भारतीय भाषाओं का झंडाबरदार है। मैं वेबदुनिया और उसके लाखों पाठकों को इसके लिए शुभाकामनाएं देता हूं।

Show comments

सभी देखें

क्या मस्क बनेंगे दुनिया के पहले खरबपति?

भारत में अब भी कैसे जारी है हर दिन 16 महिलाओं की दहेज हत्या?

नार्वे में पत्रकारिता या पब्लिसिटी स्टंट?

बंगाल में राजनीतिक हिंसा रोकना भाजपा सरकार की सबसे बड़ी चुनौती

ईरान युद्ध: कितनी असरदार है भारत की बहु-पक्षीय रणनीति?

सभी देखें

इंदौर में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर राहुल गांधी ने मांगी छात्रों से राय, कहा एजुकेशन सिस्टम में उम्मीद खो चुके स्टूडेंट

7 साल बाद भारत आ रहे हैं शी जिनपिंग; ब्रिक्स सम्मेलन में लेंगे हिस्सा, पीएम मोदी से भी हो सकती है मुलाकात

मानसून की वापसी पर ब्रेक! बंगाल की खाड़ी में एक्टिव हुआ नया सिस्टम, यूपी-बिहार समेत इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट