Hanuman Chalisa

शलभासन

Written By WD
Updated: सोमवार, 10 मई 2010 (16:18 IST)
शलभ एक किट को कहते है और शलभ टिड्डे को भी। इस आसन में शरीर की आकृति कुछ इसी तरह की हो जाती है इसीलिए इसे शलभासन कहते है। य ह लेटक र पे ट क े ब ल कि ए जान े वाल ा आस न हैं।

विधि : इस आसन की गिनती भी पेट के बल लेटकर किए जाने वाले आसनों में की जाती है। पेट के बल लेटकर सबसे पहले ठोड़ी को भूमि पर टिकाएँ। फिर दोनों हाथों को जँघाओं के नीचे दबाएँ। तब श्वास अन्दर लेकर दोनों पैरों को एक-दूसरे से सटाते हुए समानांतर क्रम में ऊपर उठाएँ। पैरों को और ऊपर उठाने के लिए हाथों की हथेलियों से जँघाओं को दबाएँ।

WD
वापस आने के लिए धीरे-धीर पैरों को भूमि पर ले आए। फिर हाथों को जँघाओं के नीचे से निकालते हुए मकरासन की स्थिति में लेट जाएँ।

सावधानी : घुटने से पैर नहीं मुड़ना चाहिए। ठोड़ी भूमि पर टिकी रहे। 10 से 30 सेकंड तक इस स्थिति में रहें। जिन्हें मेरुदण्ड, पैरों या जँघाओं में कोई गंभीर समस्या हो वह योग चिकित्सक से सलाह लेकर ही यह आसन करें।

इसके लाभ : मेरुदण्ड के नीचे वाले भाग में होने वाले सभी रोगो को दूर करता है। कमर दर्द एवं साइटिका दर्द के लिए विशेष लाभप्रद है।

Show comments

सभी देखें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

सावन मास पर एक भावपूर्ण और मौलिक हिंदी कविता

Shravan Essay: आस्था, प्रकृति और पवित्रता का उत्सव श्रावण मास, पढ़ें रोचक निबंध

आगे तो बढ़ रहे हैं… पर किस दिशा में? कहीं ऐसा तो नहीं कि जीवन बेहतर बनाने की दौड़ में हम जीना ही भूलते जा रहे हैं?

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

सभी देखें

आस्था की विजय: जब पंढरपुर में एक बालक के रक्षक बने स्वयं विट्ठल

मैं गीत बन अधरों पर आऊंगा

NEET Controversy: छात्रों की आड़ में अराजकता फैलाने की साजिश

Raksha Bandhan Essay: राखी पर्व पर हिन्दी निबंध: वर्तमान समय में रक्षा बंधन का त्योहार

Essay on Friendship Day: फ्रेंडशिप डे: दोस्ती के अटूट बंधन का खूबसूरत पर्व, पढ़ें हिन्दी में रोचक निबंध