ramcharitmanas
✕

हंसी मुद्रा योग से पाएं सो‍चने की शक्ति

Updated: गुरुवार, 8 जून 2017 (17:10 IST)
'हंसी मुद्रा' जैसा की इसके नाम से ही पता चलता है कि यह कैसी मुद्रा होगी। सोचने और त्वरित निर्णय की क्षमता बढ़ाने में यह मुद्रा लाभदायक मानी गई है। मस्तिष्क के विकास में यह मुद्रा सहायक है। इसे हरिध्यान मुद्रा योग भी कहते हैं।
मुद्रा की विधि - सुखासन या उत्कटासन में बैठकर अपने हाथ की सभी सबसे छोटी अंगुली को छोड़कर अंगुलियों को अंगूठे के आगे के भाग को दबाने से 'हंसी मुद्रा' बन जाती है।
 
अवधि- इस मुद्रा को प्ररंभ में 5-8 मिनट से करके 30-48 मिनट तक कर सकते हैं।
 
मुद्रा का लाभ- इस मुद्रा नियमित अभ्यास से विवेक बढ़ता है अर्थात इससे सोचने-समझने की शक्ति बढ़ती है और इससे शरीर का भारीपन समाप्त हो जाता है। 
 
विशेषता- माना जाता है कि इस मुद्रा का नियमित अभ्यास करने से राजसिक ताकत बढ़ती है और व्यक्ति धन संपन्न बना रहता है। 
 
सावधानी - इस मुद्रा को करते समय किसी भी प्रकार का मंत्र नहीं जपना चाहिए और ना ही कोई अन्य धार्मिक उपक्रम करें।
लेखक के बारे में
अनिरुद्ध जोशी 'शतायु'
पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों से साहित्य, धर्म, योग, ज्योतिष, करंट अफेयर्स और अन्य विषयों पर लिख रहे हैं। वर्तमान में विश्‍व के पहले हिंदी पोर्टल वेबदुनिया में सह-संपादक के पद पर कार्यरत हैं। दर्शनशास्त्र एवं ज्योतिष: मास्टर डिग्री (Gold Medalist), पत्रकारिता: डिप्लोमा। योग, धर्म और ज्योतिष में विशेषज्ञता।.... और पढ़ें
Show comments

सभी देखें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

सभी देखें

कब है सरदार पटेल जयंती? क्यों कहा जाता है उन्‍हें लौह पुरुष? जानें उनसे जुड़ी अनसुनी बातें

मीराबाई जयंती 2026: क्या कृष्ण भक्ति में लीन मीरा सचमुच मूर्ति में समा गई थीं? जानिए उनकी जिंदगी के 5 अनोखे रहस्य!

मूर्खता भी बन सकती है कृत्रिम बुद्धिमत्ता, AI पर क्यों आमने-सामने हैं अमेरिका और चीन

कब मनाया जाएगा आचार्य विद्यासागर का जन्‍मोत्‍सव, जानिए उनके जीवन से जुड़ी खास बातें...

कौन थे महर्षि वाल्मीकि? कब मनाई जाएगी उनकी जयंती? जानिए उनके बारे में रोचक बातें

अगला लेख