Hanuman Chalisa

बंध को जानें

अनिरुद्ध जोशी
बुधवार, 24 जून 2009 (14:20 IST)
बंध का शाब्दिक अर्थ है- 'गाँठ', बंधन या ताला। इसके अभ्यास से प्राणों को शरीर के किसी एक भाग पर बाँधा जाता है। इसके अभ्यास से योगी प्राणों को नियंत्रित कर सफलता पूर्वक कुंडलिनी जाग्रत करता है।
 
बंध और मुद्रा दोनों का अभ्यास साथ-साथ किया जाता है। पाँच प्रमुख बंध इस प्रकार हैं। 1. मूलबंध 2. उड्डीयानबंध 3. जालंधर बंध 4. बंधत्रय और 5. महाबंध।
 
मूलबंध के द्वारा प्राणों का केंद्रीकरण pelvic plexus में, उड्डीयान बंध के द्वारा Epigastric plexus में और जालंधरबंध के द्वारा carotid plexus में होता है।
 
मूलबंध अपान वायु, जो उत्सर्जन की क्रिया संपादित करती है को नियंत्रित करता है। उड्डीयान बंध अवशोषण क्रिया संपादित करने वाली समान वायु को नियंत्रित करता है। जालंधर बंध उदान वायु (जो भोजन निगलने और स्थूल शरीर को सूक्ष्म शरीर से पृथक करने की क्रिया संपादित करती है, को नियंत्रित करता है)। इन प्राणों अथवा वाय के विषय में प्राणायाम वाले अध्याय में विस्तार से बताया गया है।
 
मानवता के लिए बंध अद्‍भुत वरदान हैं। ये कुण्डलिनी शक्ति को जाग्रत करने, प्रखर स्वास्थ्य, दीर्घ जीवन, स्फूर्ति, मानसिक शक्ति और अनेक प्रकार की सिद्धियाँ प्रदान करते हैं। इनसे शरीर और मन की अनेक बीमारियाँ दूर होती हैं। शक्ति, प्रेरणा और प्रणों के अक्षय भंडार खोलने के लिए ये रहस्यमय कुँजी हैं।
 
पुस्तक : आसन, प्राणायाम, मुद्रा और बंध (Yaga Exercises For Health and Happiness)
लेखक : स्वामी ज्योतिर्मयानंद
हिंदी अनुवाद : योगिरत्न डॉ. शशिभूषण मिश्र
प्रकाशक : इंटरनेशनल योगा सोसायटी
Show comments

सभी देखें

घर पर BP चेक करते समय न करें ये गलतियां, जानें ब्लड प्रेशर नापने का सही तरीका

Health Benefits of Banana: कच्चे और पके केले में कौन कौनसे विटामिन होते हैं?

Monsoon Special Recipes: मानसून की 5 बेहतरीन रेसिपीज, देखते ही मुंह में आ जाएगा पानी

घर की 'एनर्जी' बदल देंगी ये खास धूप, जानें किस धुएं में छिपा है क्या राज

Diabetes Control Tips: बिना दवा के भी कंट्रोल हो सकती है शुगर! आजमाएं ये 10 जादुई और बेहद आसान घरेलू उपाय

सभी देखें

Trip To London: पाउंड को रुपए में गिनेंगे तो चाय भी नहीं पी सकेंगे

World Population Day 2026: विश्व जनसंख्या दिवस क्यों मनाया जाता है, जानें इतिहास, महत्व और इस साल की थीम

सूखी जड़ों से लौटती हरियाली

Avatar Meher Baba: अवतार मेहेर बाबा कौन थे, कब और क्यों मनाया जाता है मौन पर्व?

Trip To London : लंदन में न सड़क पर धरने-प्रदर्शन, न चक्का जाम