figures for yoga | फिगर की करें फिकर
IFM
जो युवा अपने फिगर की फिकर नहीं करते उन्हें पहली बात तो युवा नहीं कहना चाहिए। गुटका, पाऊच और नशे की लत के चलते ऐसे लोगों के लिए एक नाम है: हॉस्पिटल की कतार में खड़ा आदमी। क्या कहेंगे ऐसे तोंदु को?
फिगर की फिकर तो बॉलीवुड की हसिनाओं तथा रैम्प की मॉडलों को ही सताती है। फिटनेज को लेकर अब अभिनेता भी जागरूक होने लगे हैं, लेकिन भारत का आम नागरिक अभी भी इस मामले में निष्क्रिय है। हाँ कुछ युवा जिम और जॉगिंग से अपने शरीर को मेंटेन करने लगे हैं, लेकिन इससे बॉडी स्लीम नहीं होती।
स्लीम फिगर की माँग हर क्षेत्र में बड़ गई है। जीवन की सफलता भी इससे जुड़ी है। हम जीरो नहीं फिट फिगर की बात कर रहे हैं। इस फिगर के साथ प्रोटिन्स और विटामिन्स का सेवन करते रहें तो आप हर जगह आकर्षण का केंद्र बन जाएँगे। तब हम बताते हैं कि किस तरह बॉडी को अत्यधिक कष्ट दिए बगैर आप फिट रह सकते हैं।
डाइट कंट्रोल : जितना भोजन लेने की क्षमता है, उससे कुछ कम ही अर्थात सीमा के अंदर ही भोजन लें। मसालेदार भोजन बंद कर दें। कड़वा, खट्टा, तीखा, नमकीन, गरम, खट्टी भाजी, तेल, तिल, सरसों, मद्य, अंडा, मछली या अन्य मांसाहार का सेवन बंद कर दें। लहसुन और प्याज का सेवन कम ही करें।
ब्रंच या स्नेक्स : लंच और डिनर को छोड़कर ठोस आहार के बजाय आप ब्रंच और स्नेक्स में सलाद, सूप, छाछ, दही का सेवन करें। सब्जी अधपकी, रोटी पूरी पकी हो। हरी पत्तेदार सब्जी, मौसमी फल तथा फलों के रस का सेवन उपयोगी रहता है। पपीता, अमरूद और फलों का रस लिया जाए तो पाचन शक्ति बढ़ेगी।
जल थेरेपी : सुबह उठते ही दो गिलास गर्म जल छना हुआ लें और पेट की मसल्स को ऊपर-नीचे हिलाएँ। चाहें तो ताड़ासन, द्विभुज कटि चक्रासन करें। पानी अधिक पीएँ, लेकिन चाहे जहाँ का पानी न पीएँ। बोरिंग के पानी में भारीपन होता है, अत: उसे अच्छे से फिल्टर करने के बाद ही इस्तेमाल करें। भोजन करने के दौरान पानी न पीएँ तो बेहतर है। भोजन पश्चात एक घंटे बाद ही पानी पीएँ।
योगा टिप्स : आसनों में अंग संचालन करते हुए अंजनेय आसन, पादहस्तासन, उष्ट्रासन, भुजंगासन, परिपूर्ण नौकासन और हलासन करें। प्राणायाम में अनुलोम-विलोम और कपालभाति करें।
पॉवर संकल्प : दो दिन तक स्वयं को भोजन से दूर कर दें। सिर्फ ज्यूस लें फिर तीसरे दिन से स्वल्पाहार और स्वल्पाहार से उतने भोजन पर टिक जाएँ जितने से शरीर में स्वस्थता, हलकापन तथा फिटनेस अनुभव करें। फिर कुंजल, सूत्रनेति, कपालभाति और सूर्य नमस्कार को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना लें। तब देखें कमाल। यह सब योग चिकित्सक की सलाह अनुसार ही करें।

