tri bandha yoga | त्रिबंधासन योग के लाभ
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इसकी विधि- सिद्धासन में बैठकर श्वास को बाहर निकालकर फेंफड़ों को खालीकर दें। अब श्वास अंदर लेते हुए घुटने पर रखें हाथों पर जोर देकर मूलबंध करें अर्थात गुदा को ऊपर की ओर खींचते हुए पेट को अंदर की ओर खींचें।
फिर श्वास छोड़ते हुए पेट को जितना संभव हो पीठ से पिचकाएँ अर्थात उड्डीयान बंघ लगाएँ। साथ ही ठोड़ी को कंठ से लगाकर जलन्धर बंध भी लगा लें। उक्त बंध की स्थिति में अपनी क्षमता अनुसार रुकें और फिर कुछ देर आराम करें।

