ramcharitmanas

#yogaday रशिया में भी योग की धूम, दिमित्री मेदवेदेव भी करते हैं योग

Updated: मंगलवार, 21 जून 2016 (10:52 IST)
अपने पुराने दोस्त भारत से रूस को एक महत्वपूर्ण विधा भेंट में मिली है और रूसी उसे गले लगाकर स्वीकार रहे हैं। यह विधा है योग। पूंजीवाद और भोगवाद की आंधी से उपजी मानसिक अशांति से खुद को उबारने के लिए रूसी योग का सहारा ले रहे हैं।
 
यहां योग की लोकप्रियता का आलम यह है कि कहीं भी बगीचे में यदि आप एक आसन लगाकर योग करने लगें तो आपके आसपास योग सीखने वाले जिज्ञासुओं की भीड़ लग जाएगी। यहां तक कि रूस के 42 वर्षीय राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव भी योग करते हैं और वे ये मानते हैं कि योग तनाव से मुक्ति का एक बेहतरीन साधन है।
 
मॉस्को में भारतीय दूतावास से संबद्ध जवाहरलाल नेहरू सांस्कृतिक केंद्र के माध्यम से यहां नियमित रूप से योग की कक्षाएं लगाईं जाती हैं। इनमें लगभग 1,000 छात्र अलग-अलग कक्षाओं में योग सीखने आते हैं।
 
डॉ. सुरेश बाबू यहां योग सिखाते हैं। जवाहरलाल नेहरू सांस्कृतिक केंद्र के उपनिदेशक संजय वेदी जब हमें ऐसी ही एक कक्षा में ले गए तो वहां कई सारे स्त्री-पुरुष बहुत तल्लीनता के साथ योग कर रहे थे।
 
35 वर्षीय तातियाना कुद्रोवा ने बताया कि वे जनवरी से यहां योग सीखने आ रही हैं और इसके परिणाम अद्भुत हैं। 26 वर्षीय छात्र एडम ने बताया कि वे पिछले एक महीने से योग सीख रहे हैं और बहुत प्रसन्न हैं। वे इसे आगे तक सीखना चाहते हैं।
-नईदुनिया (22.9.2009)
लेखक के बारे में
जयदीप कर्णिक
लेखक वेबदुनिया के संपादक हैं।.... और पढ़ें
Show comments

सभी देखें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

सभी देखें

रोजाना अपनाएं ये 10 जादुई आदतें, बीमारियों से रहेंगे कोसों दूर और चेहरे पर आएगा गजब का ग्लो

डॉ अंजना चक्रपाणि मिश्र की दो नवीन कृतियों 'मन अनहद नाद' और 'अनकहे से संवाद' का भव्य विमोचन

राष्ट्र निर्माता शिक्षक का सम्मान एक ही दिन क्यों?

बच्चों के मन को सबल और एकाग्र करने का आनापान ध्यान शिविर

जन नेता कामरेड होमी एफ दाजी - शताब्दी पर जयजगत!

अगला लेख