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International Womens Day : आखिर तुम करती क्या हो? का जवाब...

रविवार,मार्च 8, 2020
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प्राचीन काल से ही नारी को नारायणी का दर्जा प्राप्त है परंतु समय के साथ-साथ उसके सम्मान स्थि‍ति और उससे जुड़ी परिस्थि‍तियों में कई परिवर्तन भी आए। महान व्यक्तित्वों द्वारा नारी को लेकर व्यक्त सुविचार आज भी उतने ही सम्मान के साथ अस्तित्व में है। ...
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अहमदाबाद में जन्म लेने वाली 49 वर्षीय केतकी के जीवन में सन् 2010 तक सब कुछ सामान्य था, जैसे सभी का खुशहाल जीवन होता है। पर अचानक से वे 'एलोपेशिया' नाम की बीमारी का शिकार हुईं जिसमें खोपड़ी से बालों के गुच्छे अचानक से गिरने लग जाते हैं, गंजे होने लगते ...
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नारी का सम्मान, बचाना धर्म हमारा, सफल वही इंसान, लगे नारी को प्यारा। जीवन का आधार, हमेशा नारी होती,
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इस सदी की नारी समाज में 'टेक ओवर' करने के रूप में उभरी है। उसने कड़ी मेहनत से बहुत तरक्की की है, पर उसका समाज में सम्मान नहीं बढ़ा। उसके वजूद से जुड़े प्रश्न आज भी उठते हैं। सबकुछ हासिल करने के बाद भी उसका नाम,उसकी तरक्की उसे खोखला महसूस करा जाते हैं। ...
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'अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस' पूरे देश के लिए बहुत महत्व रखता है। इस दिन महिलाओं के विकास, हर जगह महिलाओं की मौजूदगी और उनके साहस को सलाम किया जाता है। मां हो, बहन हो, पत्नी हो या बेटी- जिंदगी के हर मोड़ में नारी मजबूती के साथ आगे बढ़ती रही है....
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अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 8 मार्च को है। विभिन्न क्षेत्र के प्रबुद्ध जन से पूछा गया कि यह दिवस मनाया जाना चाहिए या नहीं? आखिर क्या है इस दिन की महत्ता? हमें मिले ज्वलंत और जागरूक जवाब। पेश है आपके लिए :
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नमस्कार, महिला दिवस की शुभकामनाएं। आज सबसे ज्यादा महिला सशक्तिकरण की बातें होंगी। लेकिन महिला सशक्तीकरण क्या है यह कोई नहीं जानता। महिला सशक्तीकरण एक विवेकपूर्ण प्रक्रिया है। हमने अति महत्वाकांक्षा को सशक्तिकरण मान लिया है।
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टी.वी. सीरियलों के माध्यम से अपनी बहन, बेटियों, भाभियों यहां तक कि मांओं को भी अश्लील व न के बराबर कपड़ों में, सिगरेट के धुएं के छल्ले बनाते या शराब का गिलास हाथ में थामे लड़खड़ाते, कभी किसी तो कभी किसी पुरुष की बांहों में झूमते देख भला किस भारतीय को ...
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जो महिलाएं नौकरी नहीं करती हैं उन्हें विशेष प्रयास कर पेशेवर क्षमताओं को हासिल करना होगा ताकि वे स्वरोजगार प्राप्त कर सकें। उन्हें कारोबार करना सीखना होगा और इस बात का पता लगाना होगा कि यह काम उन्हें कहां मिल सकता है यह सब उन्हें खुद करना होगा और ...
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रह-रहकर तुम और शहजाद याद आ रहे हों। उर्दू भाषा के राष्ट्रीय सेमिनार के बुलावे में शिरकत कर रही हूं। मंच पर बैठकर सामने उर्दू के विद्वानजन, शोधार्थी, प्रोफेसर्स बैठे हैं और मैं उन्हें देख रही हूं। पर मेरी नजरें तुम्हें खोज रही हैं। लगभग 2 साल से ...
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इसकी शुरुआत और इतिहास को लेकर भी कई दिलचस्‍प पहलू हैं।
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ऐसा क्या चाहा है उसने इस समाज से, जो वह देने में सक्षम नहीं है? सहारा, सुविधा, संसाधन और सहायता? नहीं। उसने हमेशा एक सुंदर, संस्कारित, उच्च मानवीय दृष्टिकोण वाला सभ्य परिवेश चाहा है। अपनी सहृदयता से उसे नैतिक संबल और सुअवसर दीजिए कि वह सिद्ध कर सके ...
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अंतरराष्‍ट्रीय वुमेंस डे पर महिलाओं को क्‍या गिफ्ट दे सकते हैं।
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कैसे भूल जाएं कि इसी देश में आग के हवाले कर दी गई थी एक पशु चिकित्सक, कैसे भूल जाएं निर्भया के वकील की बेशर्म दलीलें, कैसे भूल जाएं उसके बाद भी लगातार रेप की घटनाओं का सामने आना .. और कानून की आड़ में अपराधियों का बच निकलना....
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भगवान श्रीकृष्ण का धर्म महिलाओं का ही धर्म है। श्रीकृष्ण के माध्यम से हजारों महिलाओं ने मोक्ष को पाया था। आओ जानते हैं कि उन्होंने अपने जीवन में किन किन महिलाओं के सम्मान की रक्षा की, उनकी इच्छाओं की पूर्ति की और उनके जीवन को सुरक्षित बनाया।
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खास मैसेज जिसे भेजकर आप अपने खास दोस्‍त को वुमेन्‍स डे की बधाई दे सकते हैं।
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जब तक निर्भया के गुनाहगारों को फांसी नहीं होती, मैं महिला दिवस के किसी भी कार्यक्रम में नहीं जाऊंगी। यह कहना है जानीमानी लेखिका ऋचा दीपक कर्पे का।
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आज की महिला अपने विचारों को खुलकर दूसरों के सामने रखती हैं। उसे किसी की कोई बात पसंद आए, तो तारीफ करने में भी झिझक नहीं करतीं, वहीं कोई बात नापसंद हो तब भी मन में दबाकर नहीं बैठतीं।
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मां-बेटी-पत्नी-बहन, नारी रूप हजार, नारी से रिश्ते सजे, नारी से परिवार। नारी बीज उगात है, नारी धरती रूप,
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