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नर राजा है तो नारी रानी है नारी बिना जीवन बेमानी है... नारी शक्ति पर स्वरचित कविता हिंदी में
शीर्षक- नारी की महिमा
- श्रीमती सारिका सोनगांवकर
नर राजा है तो नारी रानी है नारी बिना जीवन बेमानी है।
नारी है तो जान है इस जगत मे। नारी बिना सूनी जिंदगानी है।
नारीरमणी नारी ललनी नारी मनोहारीणी है।
नारी हरफनमौला नारी तरणतारीणी है।
घर को बस घर ही नही स्वर्ग बनाती है।
न उसका कोई समय न ही सारीणी है।
कहने को अबला कहलाती पर सबको सबल बनाती है।
नारी घर की विरासत नारी घर की थाती है।
मत करो इसका अपमान इसे घर की इज्जत प्यारी है
नारी का करोगे मान तो जिंदगी वारी न्यारी है
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