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घर पर इको फ्रेंडली गणेशजी इन 5 तरीकों से भी बनाए जा सकते हैं

Updated: बुधवार, 12 सितम्बर 2018 (14:26 IST)
गणेश चतुर्थी आने वाली है और गणेश स्थापना की तैयारियां जोरों पर है। इन दिनों ज्यादातर लोग इको फ्रेंडली गणपतिजी की स्थापना को प्राथमिकता दे रहे हैं। क्ले और प्लास्टिक पेंट वाली मूर्तियां विसर्जन के बाद पानी में घुल नहीं पाती हैं, जिससे पानी में रहने वाले जीवों को नुकसान पहुंचता है। बाजार में कई प्रकार और डिजाइन  वाली इको फ्रेंडली गणपतिजी की मूर्तियां आपको मिल जाएंगी, लेकिन यदि आप चाहें तो घर पर भी इको फ्रेंडली गणपतिजी तैयार कर सकते हैं।
 
वैसे तो जब इको फ्रेंडली गणपतिजी की बात आती है, तो दिमाग में मिट्टी की मूर्ति ही सामने आती है, क्योंकि  यह विसर्जन के बाद पानी में आसानी से घुल जाती है, साथ ही पानी के जीवों को भी कोई नुकसान नहीं  पहुंचता। इको फ्रेंडली गणपतिजी तैयार करने का सिर्फ यही एक तरीका नहीं है।
 
आइए, आपको बताते हैं इको फ्रेंडली गणपती बनानने के 5 आसान तरीके:
 
1. इको फ्रेंडली गोबर के गणपती- गाय के गोबर को हमारे धर्म में पवित्र माना गया है। आप इससे गणपति जी की प्रतिमा तैयार कर सकते है। इसे विसर्जित करने से पानी दूषित नहीं होगा।
 
2. आप फूलों और रांगोली से गणपति जी बना सकते हैं। पानी में बहाए फूल जब मिट्टी के साथ मिलेंगे तो नए पौधे बन जाएंगे और पत्तियां खाद बन जाएंगी।
 
3. आप चॉकलेट से गणपति जी भी बना सकते हैं। चॉकलेट से इन दिनों खाने के आलावा कई डेकोरेटिव चीजें भी बनाई जा रही हैं जिन्हें फाफि पसंद भी किया जा रहा है। यह भी विसर्जन के बाद पानी को दूषित नहीं करेगी।
 
4. आप मावा, फिशफूड व आटा मिलाकर भी गणपति जी भी बना सकते हैं। आप चाहे तो केवल आटे के गणपति जी भी बना सकते हैं। विसर्जन के बाद ये जिवों का खाना बन जाएगा।
 
5. चावल के गणपति जी, साफ किए हुए चावल लें, उन्हें एक चौकी पर बिछा दें और गणपती का आकार दें। आप इस आकृति की भी पूजा कर सकते हैं। विसर्जन के समय इन्हें हाथ से इकठ्ठा करके पानी में बहा दें।

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