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दुनिया के लिए प्रेरणा हैं नाजत बेलकासिम

Updated: शनिवार, 11 नवंबर 2017 (12:26 IST)
ख्वाब और महत्वाकांक्षाएं भले ही कुछ समय परिस्थतियों के चलते दबकर या बंधकर रह जाएं...लेकिन दृढ़ संकल्प और साहस का साथ हो, तो उनके होने और भावी संभावनाओं की कोई सीमा नहीं रह जाती। अगर आपके दिल में है कोई ख्वाब और उसे पूरा करने का जज्बा, तो मंजिल आपकी राह देखती हैै... 

इस बात का जीता जागता उदाहरण हैं, फ्रांस की शिक्षा एवं शोध मंत्री, नजात बेलकासिम। जी हां, उनका एक ग्रामीण बालिका से लेकर एज्युकेशन मिनिस्टर बनने तक का सफर प्रेरणादायक होने के साथ ही एक मिसाल कायम करता है...। 

अपने सात भाई बहनों में दूसरे नंबर पर रहीं नजात का जन्म 1977 में मोरक्कन के एक छोटे से गांव नादोर में हुआ था। 1982 में 5 साल की उम्र में वे अपने परिवार के साथ एमिन्स के एक उपनगर में जाकर बस गईं, जहां उनके पिता एक बिल्डिंग मजदूर थे। पहले उनके पिता उसी गांव में भेड़ चराने का काम करते थे, जो बाद में आर्थ‍िक परिस्थि‍यों के चलते एमिन्स जाकर मजदूरी करने लगे
 
एक अप्रवासी स्तर पर, उनकी दिलचस्पी राजनीति में बहुत कम उम्र में ही होने लगी थी। उन्होंने पेरिस इंस्टीट्यूट ऑफ पॉलिटिकल स्टडीज़ से 2002 में अपना ग्रेज्युएशन पूरा किया, जहां उनकी मुलाकात बोरिस वल्लाउद से हुई और अगस्त 2005 में दोनों ने प्रेम विवाह कर लिया।
 
इससे पहले ही 2002 में ही वे एक सामाजिक पार्टी में शामिल हो चुकी थीं, और फिर 2003 में लेयोन मेयर जेरार्ड कोलंब टीम में शामिल हुईं। स्थानीय जनतंत्र को मजबूत बनाने, पक्षपात के खिलाफ लड़ने, नागरिकों में अधिकारों के प्रति जागरूकता लाने और रहने व रोजगार के संबंध में उन्होंने सराहनीय कार्य किए।
 
2004 में रोन एल्पेस की रीजनल काउंसिल में निर्वाचित होने के बाद उन्होंने संस्कृति आयोग में पदभार संभाला, जहां वे 2008 तक रहीं। 2005 में वे सोशलिस्ट पार्टी की एडवाइजर बनीं। 2005-06 में वे एक सांस्कृतिक प्रेाग्राम की स्तंभकार व समीक्षक भी रहीं। 
 
मार्च 2008 में वे सोशलिस्ट पार्टी के बैनर तले वे कैंटोनल चुनाव में नामित हुईं और 16 मई 2012 को वे प्रसिडेंट फ्रेंकोइस होललैंड केबिनेट में महिला अधिकार मंत्री एवं सरकारी महिला प्रवक्ता के पद पर पदस्थ हुईं। इसके बाद आखिरकार 25 अगस्त 2014 को वे फ्रांस की पहली महिला एवं सबसे कम उम्र की मिनिस्टर ऑफ एज्युकेशन एंड रिसर्च बनीं। 
 
यह पल ऐतिहासिक था, जब किसी गांव से निकलकर आई, मुस्लिम और अप्रवासी महिला ने इस पद तक अपनी पहुंच बनाई। नजत ने यह साबित कर दिया कि आप जो भी करना या पाना चाहते हैं, उसके लिए आपको दुनिया की कोई चीज नहीं रोक सकती, अगर आपने दिल से अपने लक्ष्य को पाने की महत्वाकांक्षा की है और उसके लिए पूरा प्रयास कि‍या हो।

नजत बलकासिम एक प्रेरणा हैं, हर उस इंसान के लिए, जो अपने जीवन में ख्वाब देखता है, आगे बढ़ने के... महत्वाकांक्षा रखता है और उन्हें दबाना नहीं चाहता, किसी भी कीमत पर....वे  बताती हैंं कि दुनिया में कुछ भी असंभव नहीं...अगर हम उसके लिए दृढ़ संकल्पित हैं।
लेखक के बारे में
प्रीति सोनी

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