क्या गुजरात की मस्जिद से बरामद हुआ हथियारों का ये जखीरा...
सोशल मीडिया पर एक पोस्ट काफी वायरल हो रही है। इस पोस्ट में बहुत सारे हथियारों के साथ कुछ लोगों को जमीन पर बैठे हुए देखा जा सकता है, साथ ही कुछ पुलिसवाले भी हैं। दावा किया जा रहा है कि यह हथियारों का जखीरा गुजरात की एक मस्जिद से मिला है।
वायरल पोस्ट-
ट्विटर यूजर किरन जैन ने तीन तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा, “गुजरात में एक मस्जिद से पकड़े गये हथियार:- आखिरकार ये मुस्लिम करना क्या चाहते हैं?? वैसे देशभर में मस्जिदों की चेकिंग की जाए तो ऐसे ही हथियार मिलेंगे??”
गुजरात में एक मस्जिद से पकड़े गये
— किरन जैन ( देशप्रेमी ) (@jainkiranjain) July 23, 2019
हथियार:- आखिरकार ये मुस्लिम करना
क्या चाहते हैं?? वैसे देशभर में मस्जिदों
की चेकिंग की जाए तो ऐसे ही हथियार
मिलेंगे?? pic.twitter.com/1czzd4R5Wn
इस ट्वीट को अब तक 1700 से अधिक बार रीट्वीट किया जा चुका है और 2600 से अधिक लोगों ने इसे लाइक किया है।
क्या है सच?
वायरल तस्वीरों की पड़ताल के लिए हमने तस्वीरों को गूगल रिवर्स इमेज सर्च के जरिये ढ़ूंढा, तो हमें गुजरात हेडलाइन वेबसाइट की एक लिंक मिली। 5 मार्च 2016 को इस वेबसाइट पर एक खबर पब्लिश की गई। इसका शीर्षक था- Rajkot : Stock Of Lethal Weapons Found From Novelty Store; 5 Persons Arrested।
इस खबर में बताया गया है कि राजकोट में नेशनल हाईवे के पास स्थित इंडिया पैलेस होटल के नॉवेल्टी स्टोर से बड़ी मात्रा में हथियार बरामद किए गए। पुलिस ने सभी हथियारों को जब्त करते हुए पांच लोगों को गिरफ्तार किया। इसमें होटल मैनेजर आरिफ करबानी, इरफान दिलावर दीवान, इद्रिश दिलावर, सफीबेग मरीजा और मुन्ना वोहरा नाम के आरोपी शामिल थे।
अपनी तफ्तीश को आगे बढ़ाते हुए हमने इंटरनेट पर इससे संबंधित खबर को खोजना शुरू किया। हमें टाइम्स ऑफ इंडिया की वेबसाइट पर 6 मार्च 2016 को प्रकाशित एक खबर मिली। इसमें भी बताया गया कि क्राइम ब्रांच और कुवाडवा रोड पुलिस ने राजकोट-अहमदाबाद हाईवे पर स्थित एक होटल से संचालित एक अवैध हथियारों के रैकेट का खुलासा किया। इस होटल से 257 हथियार मिले थे। इसमें तलवार से लेकर चाकू तक शामिल हैं।
अब यह स्पष्ट हो चुका है कि वायरल तस्वीरें 2016 में राजकोट के एक होटल से बरामद हथियारों का है। आपको बता दें कि ये तस्वीरें इससे पहले गलत संदर्भ के साथ कई बार वायरल हो चुकी हैं।
वेबदुनिया की पड़ताल में पाया गया है कि वायरल तस्वीरें तीन साल पुरानी हैं और ये हथियार गुजरात के राजकोट के एक होटल से बरामद किए गए थे, न कि किसी मस्जिद से।
