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Vastu Tips for Bathroom : बाथरूम में करते हैं यह गलती तो आएगी घर में तबाही

रविवार,जनवरी 17, 2021
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बेडरूम में आते ही आपको घुटन हो, तनाव हो, आपस में कलह हो, नींद न आती हो तो आपको देखना चाहिए कि कहीं आपके कमरे में भी यह 5 चीजें तो नहीं रखी हैं।
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पारिजात के पेड़ को हरसिंगार का पेड़ भी कहा जाता है। इसमें बहुत ही सुंदर और सुगंधित फूल उगते हैं। यह सारे भारत में पैदा होता है। इसे संस्कृत में पारिजात, शेफालिका। हिन्दी में हरसिंगार, परजा, पारिजात। मराठी में पारिजातक। गुजराती में हरशणगार। बंगाली ...
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आज हम आपको चांदी की 4 ऐसी वस्तुओं के बारे में बताएंगे जो घर की सुख और शांति को हमेशा बरकरार रखती है। घर में अमन-चमन हो जाता है। आइए जानते हैं...
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कई लोगों के घर तिराहे या चौराहे पर होते हैं। कहते हैं कि वास्तु के अनुसार यह अच्छे नहीं होते हैं। तिराहे पर भी भयानक वास्तुदोष निर्मित होता है। यहां रहने वाले सभी सदस्य मानसिक रूप से परेशान ही रहते हैं। मकान के प्रवेश द्वार के सामने यदि कोई रोड, गली ...
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सुबह उठकर हमेशा कुछ अपशगुन देखने से बचना चाहिए। जब सारा जगत सो रहा होता है तो वह काल संधि का काल होता है। इसलिए वास्तुशास्त्र में सुबह उठने के नियम बताए गए हैं।
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आप भोजन कौन सी दिशा में कर रहे हैं? इसका वास्तु के अनुसार बहुत महत्व है और आपके स्वास्थ्य और शरीर पर भी इसका अनुकूल और प्रतिकूल असर पड़ता है।
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सूर्योदय से पहले रात्रि 3 से सुबह 6 बजे का समय ब्रह्म मुहूर्त होता है। इस समय सूर्य घर के उत्तर-पूर्वी भाग में होता है। यह समय चिंतन-मनन व अध्ययन के लिए बेहतर होता है।
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नियमित रूप से श्री गणेश की आराधना करने से घर अथवा दुकान/कार्यालय में वास्तु दोष उत्पन्न होने की संभावना बहुत कम होती है।
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वास्तुशास्त्र के अनुसार धन के स्थिर रहने और बढ़ने के लिए कुछ नियमों का पालन करना चाहिए। अन्यथा बहुतों का धन जेलखाने, पागलखाने या दवाखाने में बर्बाद हो जाता है। यदि ऐसा नहीं होगा तो चोरी, घाटा या नुकसान की संभावना बढ़ जाएगी। तो आओ जानते हैं कि क्या ...
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बैठक रूम को स्वागत कक्ष, ड्राइंग रूम या लिविंग रूम कहते हैं। बैठक रूप से ही आपके घर और व्यक्तित्व का पता तो चलता ही है साथ ही इससे वास्तु कैसा होगा यह भी पता चलता है। अत: यह ध्यान देना जरूरी है कि हम बैठक रूप में किसी तरह के चित्र लगा रहे हैं। यदि ...
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घर के बाहर हमें हल्के नीले, सफेद, पीले, नारंगी, क्रीम आदि लाइट रंगों का उपयोग करना चाहिए परंतु घर के भीतर हर कमरे और उसकी दीवारों का रंग तो वास्तु अनुसार ही चयन करना चाहिए, क्योंकि रंगो का हमारे जीवन पर बहुत ज्यादा असर होता है। दीवारों के रंगों के ...
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वास्तु शास्त्र में दक्षिण दिशा के मकान को कुछ परिस्थिति को छोड़कर अशुभ और नकारात्मक प्रभाव वाला माना जाता है। इसके अलावा दक्षिणमुखी मकान के दोष को कुछ उपाय करके भी दूर किया जा सकता है। वो परिस्थियां कौनसी हैं और क्या है दोष दूर करने के उपाय, आओ ...
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भूमि का चयन करना इतना आसान नहीं है जितना कि लोग समझते हैं। मकान, दुकान या प्लॉट खरीदने से पहले उसके चारों ओर की बनावट, वातावरण और मूलभूत ढांचे की समीक्षा कर लेनी चाहिए।
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प्रत्येक ग्रह का एक प्रतिनिधि पेड़, पौधा या वृक्ष होता है। जैसे गुरु का पेड़ पीपल है, सूर्य के तेजफल का वृक्ष, चंद्र का पोस्त का पौधा या दूध वाले वृक्ष, मंगल नेक के लिए नीम और मंगल बद के लिए ढाक, बुध के लिए केला या चौड़े पत्ते वाले वृक्ष, शुक्र के ...
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हर व्यक्ति घर की दिशा और घर के भीतर के वास्तु पर ध्यान ज्यादा रखता है परंतु घर की भीतर और बाहर छत कैसी होना चाहिए और कैसी नहीं होना चाहिए इस पर कम ही लोग ध्यान रखते हैं। घर की छत के वास्तु को भी जानना जरूरी है अन्यथा बहुत भारी नुकसान उठाना पड़ सकता ...
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घर या मकान के भीतर की किस दिशा में कौनसी वस्तु या सामान कहां रखें यह तो सभी जानता चाहते हैं परंतु हम यहां आपको बता रहे हैं घर के किस कौने में कौनसी वस्तु रखें या क्या ऐसा कार्य करें कि किसी प्रकार का वास्तुदोष निर्मित ना हो, संकट से मुक्त हो जाएं और ...
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माता-पिता के लिए संतान सुख दुनिया का सबसे बड़ा सुख होता है। अगर शादी के कुछ वर्ष हो गए हैं और चाह कर भी संतान सुख प्राप्त नहीं हो पा रहा है तो इसके लिए शारीरिक चिकित्सा के साथ-साथ अगर वास्तु के ये 11 टिप्स भी आजमा लेंगे तो हो सकता है कि सन्तान ...
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हिन्दू पुराणों और वास्तु शास्त्र के अनुसार आप जहां रहते हैं उस स्थान से ही आपका भविष्य तय होता है। यदि आप गलत जगह रह रहे हैं तो अच्छे भविष्य की आशा मत कीजिये। अत: हर व्यक्ति को यह जानना जरूरी है कि उसे कहां रहना चाहिए और कहां नहीं रहना चाहिए। यदि ...
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अगर ऑफिस में सकारात्मक ऊर्जा नहीं है, यह आपकी तरक्की में बाधक बन सकती है और मानसिक व शारीरिक कष्ट का कारण भी। इससे बचने के लिए नकारात्मक ऊर्जा को दूर करना आवश्यक है।
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