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Vastu Tips for Kids Room : कैसा हो बच्चों का कमरा, जानिए 10 खास बातें

बुधवार,जनवरी 27, 2021
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घर के लिए जब भी रंगों का चुनाव करना होता है, तो हम कई बातों पर ध्यान देते हैं, जैसे रंग शांति व खुशी का एहसास दे और ऊर्जा व उत्साह को बढ़ाए। फेंगशुई से जानते हैं रंगों के सजीले संसार के बारे में...
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मानव का सबसे वफादार मित्र कुत्ता भी नकारात्मक शक्तियों को खत्म कर सकता है। उसमें भी काला कुत्ता सबसे ज्यादा उपयोगी सिद्ध होता है।
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बांसुरी घर के वातावरण में मौजूद समस्त नकारात्मक शक्तियों को समाप्त करके सकारात्मक ऊर्जा सक्रिय करने का कार्य करती है।
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आपके घर का मुख्‍य द्वार या दरवाजा पूर्व, पश्‍चिम, उत्तर या दक्षिण के अलावा अन्य किसी दिशा में है तो सभी का वास्तु अनुसार अलग-अलग प्रभाव होता है। दरवाजे की दिशा से ही घर की दशा भी तय होती है। अत: जानिए कि किस दिशा के दरवाजे से होता कौनसा फायदा और ...
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वास्तु शास्त्र में कोई भी भवन खरीदते या उसकी सजावट करते समय कई बातों का ध्यान देना आवश्यक बताया गया है, क्योंकि घर का मुख्य कक्ष, बैठक कहें या ड्राइंग रूम वह जगह है,
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वास्तु के अनुसार 13 ऐसी बातें जो हम सबको जरूर पता होना चाहिए। अगर आप भी अपने जीवन को सुख, शांति और सफलता से भरपूर बनाना चाहते हैं तो अवश्य अपनाएं।
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पानी से भरी एक सुराही घर में जरूर रखनी चाहिए और वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में पानी से भरी सुराही रखने से धन की कभी कमी नहीं होती।
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काफी लोग नहाने के बाद बाथरूम गंदा ही छोड़ देते हैं या बिना वजह पानी की बर्बादी करते हैं। ये आदत ज्योतिष के नजरिए से दुर्भाग्य बढ़ाने वाली है। इसकी वजह से चंद्र और राहु-केतु के दोष बढ़ते हैं।
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बेडरूम में आते ही आपको घुटन हो, तनाव हो, आपस में कलह हो, नींद न आती हो तो आपको देखना चाहिए कि कहीं आपके कमरे में भी यह 5 चीजें तो नहीं रखी हैं।
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पारिजात के पेड़ को हरसिंगार का पेड़ भी कहा जाता है। इसमें बहुत ही सुंदर और सुगंधित फूल उगते हैं। यह सारे भारत में पैदा होता है। इसे संस्कृत में पारिजात, शेफालिका। हिन्दी में हरसिंगार, परजा, पारिजात। मराठी में पारिजातक। गुजराती में हरशणगार। बंगाली ...
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आज हम आपको चांदी की 4 ऐसी वस्तुओं के बारे में बताएंगे जो घर की सुख और शांति को हमेशा बरकरार रखती है। घर में अमन-चमन हो जाता है। आइए जानते हैं...
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कई लोगों के घर तिराहे या चौराहे पर होते हैं। कहते हैं कि वास्तु के अनुसार यह अच्छे नहीं होते हैं। तिराहे पर भी भयानक वास्तुदोष निर्मित होता है। यहां रहने वाले सभी सदस्य मानसिक रूप से परेशान ही रहते हैं। मकान के प्रवेश द्वार के सामने यदि कोई रोड, गली ...
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सुबह उठकर हमेशा कुछ अपशगुन देखने से बचना चाहिए। जब सारा जगत सो रहा होता है तो वह काल संधि का काल होता है। इसलिए वास्तुशास्त्र में सुबह उठने के नियम बताए गए हैं।
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आप भोजन कौन सी दिशा में कर रहे हैं? इसका वास्तु के अनुसार बहुत महत्व है और आपके स्वास्थ्य और शरीर पर भी इसका अनुकूल और प्रतिकूल असर पड़ता है।
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सूर्योदय से पहले रात्रि 3 से सुबह 6 बजे का समय ब्रह्म मुहूर्त होता है। इस समय सूर्य घर के उत्तर-पूर्वी भाग में होता है। यह समय चिंतन-मनन व अध्ययन के लिए बेहतर होता है।
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नियमित रूप से श्री गणेश की आराधना करने से घर अथवा दुकान/कार्यालय में वास्तु दोष उत्पन्न होने की संभावना बहुत कम होती है।
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वास्तुशास्त्र के अनुसार धन के स्थिर रहने और बढ़ने के लिए कुछ नियमों का पालन करना चाहिए। अन्यथा बहुतों का धन जेलखाने, पागलखाने या दवाखाने में बर्बाद हो जाता है। यदि ऐसा नहीं होगा तो चोरी, घाटा या नुकसान की संभावना बढ़ जाएगी। तो आओ जानते हैं कि क्या ...
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बैठक रूम को स्वागत कक्ष, ड्राइंग रूम या लिविंग रूम कहते हैं। बैठक रूप से ही आपके घर और व्यक्तित्व का पता तो चलता ही है साथ ही इससे वास्तु कैसा होगा यह भी पता चलता है। अत: यह ध्यान देना जरूरी है कि हम बैठक रूप में किसी तरह के चित्र लगा रहे हैं। यदि ...
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घर के बाहर हमें हल्के नीले, सफेद, पीले, नारंगी, क्रीम आदि लाइट रंगों का उपयोग करना चाहिए परंतु घर के भीतर हर कमरे और उसकी दीवारों का रंग तो वास्तु अनुसार ही चयन करना चाहिए, क्योंकि रंगो का हमारे जीवन पर बहुत ज्यादा असर होता है। दीवारों के रंगों के ...
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