Hanuman Chalisa
✕

कितनी और कैसी-कैसी होती है भवन की भूमि... जानिए 4 प्रमुख प्रकार

Updated: मंगलवार, 5 फ़रवरी 2019 (12:37 IST)
इस जगत में प्रत्येक मनुष्य को जीवनयापन करने के लिए मुख्यत: तीन वस्तुओं की आवश्यकता होती है। ये तीन अनिवार्य वस्तुएं हैं- रोटी, कपड़ा और मकान।
 
मकान के लिए भूमि आवश्यक होती है, एक अच्छा भवन तभी निर्मित हो सकता है जब उसके निर्माण के लिए अनुकूल भूमि उपलब्ध हो। वास्तु शास्त्र में भवन-निर्माण संबंधी सभी प्रकार के दिशा-निर्देश उपलब्ध हैं। 
 
वास्तु अनुसार निर्मित भवन निवास के लिए सर्वश्रेष्ठ होता है। इस प्रकार के मकान में रहने वालों को यथोचित सुख-समृद्धि व अनुकूलता प्राप्त होती है। वास्तु शास्त्र के अनुसार भूमि को चार प्रकारों में वर्गीकृत किया गया है। ये चार प्रकार हैं-
 
 
1.- ब्राह्मणी भूमि- यह भूमि श्वेत वर्णीय, कोमल, सुगंधित होती है। यह निवास के लिए सर्वश्रेष्ठ होती है।
 
2.- क्षत्रिय भूमि- यह भूमि रक्त वर्णीय, कठोर, कसैले स्वाद वाली होती है। यह भी निवास के लिए श्रेष्ठ होती है।
 
3.- वैश्य भूमि- यह भूमि हरित या पीत वर्णीय, ना अत्यधिक कठोर और ना अति-कोमल, शहद की गंध वाली, स्वाद में खटास लिए। यह धनदायक होती है सामान्यत: व्यापारिक प्रतिष्ठानों और कारखानों के अति श्रेष्ठ होती है।

 
4.- शूद्रा भूमि- यह भूमि कृष्ण वर्णीय, अति कठोर, मदिरा के गंध वाली, स्वाद में कड़वी शूद्रा भूमि होती है। यह निवास के लिए वर्जित मानी गई है।


ALSO READ: वास्तु से जानिए कैसा हो घर में पूजा का मंदिर, पढ़ें 13 काम की बातें
 
अत: उपर्युक्त वर्गीकरण के अनुसार निवास के लिए श्रेष्ठ भूमि का चयन कर वास्तु-अनुसार भवन निर्माण करने से लाभ होता है।
 
-ज्योतिर्विद् पं. हेमन्त रिछारिया
प्रारब्ध ज्योतिष परामर्श केन्द्र
सम्पर्क: astropoint_hbd@yahoo.com
 
ALSO READ: अगर जान लिए आपने वास्तु के 12 नियम, यकीन मानि‍ए घर में धन कभी ना होगा कम
लेखक के बारे में
पं. हेमन्त रिछारिया
ज्योतिर्विद पं. हेमन्त रिछारिया ज्योतिष प्रभाकर उपाधि से सम्मानित हैं। विगत 12 वर्षों से ज्योतिष संबंधी अनुसंधान एवं ज्योतिष से जुड़ी गलत धारणाओं का खंडन कर वास्तविक ज्योतिष के प्रचार-प्रसार में योगदान दे रहे हैं। कई ज्योतिष आधारित पुस्तकों का लेखन।.... और पढ़ें

Show comments

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में प्रवेश, 12 राशियों में किसकी चमकेगी किस्मत और किसे रहना होगा सावधान?

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में प्रवेश, 5 राशियों के शुरू होंगे अच्छे दिन; धन-करियर में मिल सकता है बड़ा लाभ

सभी देखें

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 18 अक्‍टूबर 2026: रविवार का पंचांग और शुभ समय

तुला संक्रांति 2026: जानें इसका धार्मिक महत्व, पुण्यफल और पूजा का विशेष महत्व

Weekly Horoscope: 19 अक्‍टूबर से 25 अक्‍टूबर 2026 का भविष्यफल, मेष से लेकर मीन तक का साप्ताहिक राशिफल

सूर्य का तुला राशि में गोचर 2026: जानें 12 राशियों पर कैसा होगा असर, किसकी चमकेगी किस्मत?

Weekly Numerology Horoscope: साप्ताहिक अंक भविष्यफल 19 से 25 अक्टूबर 2026: आपके मूलांक का सटीक राशिफल

अगला लेख