Hanuman Chalisa

भारत के बाहर किन नामों से पुकारा जाता है देवी सरस्वती को, आप भी जानिए

Updated: मंगलवार, 28 जनवरी 2020 (15:19 IST)
देवी सरस्वती हिन्दू धर्म की एक प्रमुख देवी है, जिसे ज्ञान और विद्या की देवी माना गया है। वाग्देवी, भारती, शारदा आदि नामों से पूजित इस देवी के बारे में कहा जाता है, ये मूर्ख को भी विद्वान बना सकती हैं।
 
वसंत पंचमी के दिन देवी सरस्वती की आराधना विशेष रूप से की जाती है। धर्मग्रंथों और पुराणों में इनके रूप-रंग को शुक्लवर्णा और श्वेत वस्त्रधारिणी बताया गया है, जो वीणावादन के लिए तत्पर और श्वेत कमल पुष्प पर आसीन रहती हैं। सदियों के देवी सरस्वती की पूजा भारत और नेपाल में होती आ रही है। माघ पंचमी, जिसे वसंत पंचमी भी कहते हैं, उस दिन देवी सरस्वती की आराधना विशेष रूप से की जाती है। 
 
लेकिन देवी सरस्वती की आराधना केवल भारत और नेपाल में ही नहीं, बल्कि इंडोनेशिया, बर्मा (म्यांमार), चीन, थाईलैंड, जापान और अन्य देशों में भी होती है। 
 
देवी सरस्वती को बर्मा (म्यांमार) में थुयथदी, सूरस्सती और तिपिटका मेदा (Tipitaka Medaw), चीन में बियानचाइत्यान (Bianchaitian), जापान में बेंजाइतेन (Benzaiten) और थाईलैंड में सुरसवदी (Surasawadee) के नाम से जाना जाता है। इसमें कोई संदेह नहीं है कि ज्ञान की पूजा का महत्व सदियों से है और यह आगे भी रहेगा। यही कारण है कि दुनिया के लगभग हर देश ज्ञान की देवी और देवताओं परिकल्पना की गई है। 
 
जर्मनी में स्नोत्र को ज्ञान, सदाचार और आत्मनियंत्रण की देवी माना गया है। वहीं फ्रांस, स्पेन, इंग्लैंड, बेल्जियम, ऑस्ट्रिया सहित कई यूरोपीय देशों में ज्ञान और शिल्प की देवी के रूप में मिनर्वा का स्मरण किया जाता है। उसे कताई-बुनाई, संगीत, चिकित्सा शास्त्र और गणित सहित रोजमर्रा के कार्यो में निपुणता की देवी माना गया है। 
 
जापान की लोकप्रिय देवी बेंजाइतेन को हिन्दू देवी सरस्वती का जापानी संस्करण कहा जाता है। इस देवी के नाम पर जापान में कई मंदिर हैं। प्राचीन ग्रीस में एथेंस शहर की संरक्षक देवी एथेना को ज्ञान, कला, साहस, प्रेरणा, सभ्यता, कानून-न्याय, गणित, जीत की देवी माना गया है। 

ALSO READ: sarasvati vandana : या कुन्देन्दुतुषारहारधवला, मां सरस्वती की प्रार्थना, हिन्दी अनुवाद सहित

Show comments

सभी देखें

गुप्त नवरात्रि में ये मंत्र जप लिया तो तुरंत ही दूर होंगे संकट और माता का मिलेगा आशीर्वाद

गुंडिचा मंदिर क्यों है जगन्नाथ रथयात्रा का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव? जानिए 5 खास बातें

भगवान जगन्नाथ की मौसी कौन हैं? जानिए रथयात्रा से जुड़ी यह रोचक परंपरा

गीता के छठे अध्याय के 10वें श्लोक की सही व्याख्या क्या है? मौलाना जरजिस अंसारी के दावे की पड़ताल

पुरी के जगन्नाथ मंदिर और रथयात्रा का इतिहास: कब, कैसे और क्यों हुई शुरुआत?

सभी देखें

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (24 जुलाई, 2026)

Guru Purnima 2026: इन 5 गुरुओं की पूजा से मिलेगा ज्ञान, सुख और समृद्धि का आशीर्वाद

24 July Birthday: आपको 24 जुलाई, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 24 जुलाई 2026: शुक्रवार का पंचांग और शुभ समय

चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय

अगला लेख