30000 के बदले 1 लाख के नोट, पुलिस ने किया ठग गिरोह का पर्दाफाश

Author हिमा अग्रवाल| Last Updated: शुक्रवार, 22 जुलाई 2022 (20:02 IST)
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मेरठ। सावन मास में कांवड़ यात्रा चल रही है, ऐसे में ठग भी सक्रिय हो गए हैं। उन्होंने बाजार में असली 200-500 के नोटों के साथ नकली कागज के नोटों के साथ ठगी शुरू कर दी है। SOG टीम व थाना गंगानगर पुलिस ने नकली नोटों के साथ ठगी करने वाले गैंग का पर्दाफाश करते हुए 6 लोगों को गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार होने वालों में एक होमगार्ड और उसका भाई भी शामिल है, जो ठगी के मास्टरमाइंड है। पुलिस के मुताबिक ठगी करने वालों से 53 लाख रुपए पकड़े हैं जो 500 और 200 के नोट की 9 गड्डियों में हैं। इन नोटों की गड्डियों में ऊपर नीचे असली नोट है और बीच में सफेद कागज के नोट बनाकर लगाए गए हैं। 53 लाख में से मात्र 28 हजार के असली नोट पुलिस ने बरामद किए हैं।

लाइन में एसपी क्राइम अनित कुमार ने मीडिया के सामने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो लोगों को को लालच देखकर पहले अपने चंगुल में फंसाते और बाद में इनके साथ ठगी कर लेते। यह गिरोह अपने जाल में पार्टी को फंसाने के लिए पहले असली नोट नकली नोट बताकर देता और कहता कि इसे बाजार में चलाना बैंक में नही, बैंक में चलाएं तो पकड़े जाओगे। 200-500 के असली नोट बाजार में चल जाने के बाद झांसे में आया व्यक्ति गिरोह से सम्पर्क करता, गिरोह के सदस्य 30 हजार रुपए के बदले में एक लाख रुपए के नकली नोट देने का लालच देते।
जब कोई इनके चंगुल में फंस जाता तो यह उसे नोट की सड़क पर डिलीवरी देते समय पुलिस का भय दिखाकर गिनने को मना कर देते और विश्वास जमाने के लिए पार्टी के साथ कुछ दूरी तक अपना एक व्यक्ति भेज देते थे। पार्टी को विश्वास हो जाता था कि सब सही है, जबकि डिलीवरी नोट पैकेट में ऊपर-नीचे असली नोट और बीच में सफेद कागज लगे होते थे।
इसी बीच, गिरोह द्वारा होमगार्ड सतेन्द्र को फोन किया जाता, सतेन्द्र अपने भाई को वर्दी पहनाकर पार्टी के पास पहुंच जाता।
चेकिंग के नाम पर बैग अपने हाथ में लेते हुए गिरोह के साथी को पकड़ लेते, ठगी जाने वाली पार्टी डर के मारे अपने वहां से भाग जाती, जिसके बाद यह सब मिलकर पैसे आपस में बांट लेते थे। पुलिस ने इस मामले में होमगार्ड सतेन्द्र और उसके भाई किशन समेत 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 4 मोटर साइकिल, 5 मोबाइल फोन, 28 हजार रुपए असली नोट तथा सादे कागज से बनी नोटों की 9 गड्‍डियां बरामद की हैं।
हालांकि इस गैंग का सरगना हिस्ट्रीशीटर ईसा फरार है। बताया जा रहा है कि इस गैंग के सदस्यों ने जेल में बंद हिस्ट्रीशीटर हाजी परवेज से यह काम सीखा था।



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