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गोरखनाथ मंदिर का हमलावर आतंकी या विक्षिप्त? पिता ने कहा- मुर्तजा को आते थे खुदकुशी के खयाल

Updated: मंगलवार, 5 अप्रैल 2022 (14:02 IST)
गोरखपुर मंदिर पीएसी के 2 जवानों पर हमला करने वाले अहमद मुर्तजा को लेकर अलग-अलग कहानियां सामने आ रही हैं। एक तरफ यह कहा जा रहा है कि उसके तार आतंकी संगठनों से जुड़े हुए हैं, वहीं दूसरी ओर परिजन उसे मानसिक रूप से बीमार बता रहे हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक हमले की जांच में जुटी यूपी एटीएस और एसटीएफ को मुर्तजा के लैपटॉप से आईएस और सीरिया से मिले कुछ वीडियो और साहित्य मिला है। हालांकि मुर्तजा के पिता एक अलग ही कहानी बता रहे हैं। 
 
अहमद मुर्तजा के पिता का कहना है कि उनका बेटा मानसिक रूप से बीमार है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री की कर्मस्थली से जुड़े गोरखनाथ मंदिर सुरक्षा में तैनात दो पीएसी जवानों पर धारदार हथियार से विगत रविवार को हमला किया गया। घायल दोनों जवानों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पीएसी जवानों पर हमले का आरोपी मुर्तजा पुलिस गिरफ्त में है और आरोपी के पिता मुनीर अब्बासी का कहना है कि उनका बेटा 2001 से डिप्रेशन में है, जिसके चलते वह 2017 में मानसिक संतुलन खोने लगा और 2018 में मानसिक विकृति का रौद्र रूप सामने आया और जामनगर में उसका उपचार भी चला है।

बैंक से लिया है 36 लाख का लोन : आरोपी अहमद मुर्तजा अपने परिवार के साथ गोरखपुर के सिविल लाइन क्षेत्र में रहता है, उसके पिता मुनीर अब्‍बासी ने बताया कि बीते शनिवार को दो संदिग्ध मुर्तजा को ढूंढते हुए घर पहुंचे थे। उन्होंने परिवार को बताया कि मुर्तजा ने बैंक से 36 लाख का लोन लिया है और उसकी रिकवरी के लिए आए हैं। मुनीर को शक हुआ कि वह लोग बैंक से नहीं एटीएस से जुड़े हुए हैं। घरवालों ने जब उन लोगों की तहकीकात कि तो वह पुलिसकर्मी निकले। पुलिस के घर पहुंचने के बाद से मुर्तजा घर से गायब हो गया और उसके बाद सूचना मिली कि उसने गोरखनाथ मंदिर की सुरक्षा में तैनात जवानों पर हमला कर दिया। 
 
मुर्तजा के पिता ने यह भी बताया कि वह पढ़ने-लिखने में बेहद होशियार है। आईआईटी मुंबई से केमिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के बाद वह गुजरात में रिफाइनरी में काम करने लगा। काम में उसका मन कम लगता था और उसको अक्सर आत्महत्या के खयाल आते रहते थे, जिसकी वजह से वह अपने काम पर ध्यान नहीं दे पा रहा था। अंततः उसने नौकरी छोड़ दी और ऐप डेवलपमेंट का काम करने लगा था। फिलहाल वह मानसिक रूप से अस्वस्थ चल रहा है।
टूट चुका है निकाह : पिता ने यह भी बताया की उसका एक निकाह हो चुका था। कुछ समय बाद संबंध खत्म हो गए। दूसरी शादी गाजीपुर तय की गई, लेकिन यह बीमार रहने के चलते निकाह होना रद्द कर दिया गया। इस पूरे मामले में आरोपी मुर्तजा ने पुलिस को बताया है कि कुछ दिन पहले एटीएस की टीम इसके घर के पूछताछ के लिए गई थी। जिसके बाद से वह कुछ ज्यादा डिप्रेशन का शिकार हो गया।
 
जांच के बाद ही होगा सच्चाई का खुलासा : डिप्रेशन के चलते वह गोरखनाथ मंदिर पहुंच गया और उसने सोचा कि अगर वह पुलिस पर हमला करेगा, तो पुलिस उसको गोली मार देगी। फिलहाल आरोपी की बात में कितनी सच्चाई है कि वह डिप्रेशन का शिकार है या फिर पिता के मुताबिक वह मानसिक तौर पर बीमार है, ये तो जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। हालांकि इस बात को भी नजरअंदाज नही किया जा सकता है कि आतंकी कनेक्शन या साजिश को छुपाने के लिए इस तरह की बातें आरोपी और उसके पिता द्वारा की जा रही हों। फिलहाल पुलिस की पांच टीमें इसकी जांच में जुटी हैं।

गोरखनाथ मंदिर में हुए पुलिस हमले के बाद वहां की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। मंदिर के मुख्य गेट दक्षिणी द्वार पर चेकिंग सघन हो गई है पदै दो पहिया और चार पहिया वाहन सवार भक्तों के बैग और गाड़ी की तलाशी ली जा रही है।
लेखक के बारे में
हिमा अग्रवाल

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