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Third world war: अगर तृतीय विश्व युद्ध हुआ तो आपको बचा सकती हैं ये 5 खास बातें

Tisra vishwa yudh: अगर तृतीय विश्व युद्ध हुआ तो रखें ये सावधानियां

Written By WD Feature Desk
Updated: सोमवार, 9 दिसंबर 2024 (15:09 IST)
World War 3: तीसरे विश्व युद्ध की अवधारणा दशकों से गहन अटकलों और बहस का विषय रही है। जब से रूस और यूक्रेन, इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष बढ़ा है तब से दुनिया में डर का माहौल है। दूसरी चीन ने ताइवान को अल्टीमेटम दे दिया है। तीसरी ओर पाकिस्तान के कारण भारत अब परेशान हो चुका है। चौथी ओर उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया के बीच भी तनाव चरम पर है। इन सभी के चलते अटकलें और भी ज्यादा बढ़ गई है कि अब निकट भविष्य में तीसरा विश्व युद्ध हो सकता है। यदि वर्ल्ड वार हुआ तो आप जनता को क्या करना चाहिए?ALSO READ: तृतीय विश्व युद्ध हुआ तो आपके पास होना चाहिए ये 10 चीजें और रखना होंगी 5 सावधानियां
 
लोगों का मत : दिसंबर 2022 इंटरनेशनल फर्म Ipsos की ओर से कराए गए एक सर्वे में शामिल 34 देशों के ज्यादातर लोगों ने माना कि जल्द ही तीसरा विश्व युद्ध हो सकता है। भारत भी इस सर्वे का हिस्सा था, यहां करीब 79 प्रतिशत लोगों ने युद्ध की आशंका जताई।
 
सुरक्षित देश: बताया जाता है कि यदि तीसरा विश्व युद्ध हुआ तो कुछ ही देश इससे सुरक्षित रह पाएंगे और उनमें से प्रमुख हैं- भूटान, अंटार्कटिका, फिजी, आइसलैंड, ग्रीनलैंड, न्यूजीलैंड, आयरलैंड, स्विट्जरलैंड, इंडोनेशिया और तुवालू।ALSO READ: 2025 predictions: वर्ष 2025 के बारे में ज्योतिष, नास्त्रेदमस, बाबा वेंगा, अच्युतानंद की भविष्यवाणी
 
क्या हो सकता है असुरक्षित देशों में: जैसा कि हमने देखा है कि यूक्रेन, फिलिस्तीन और लेबनान में मिसाइलों ने किस तरह की तबाही मचाई है। युद्ध में शहरी, औद्योगिक और सैन्य क्षेत्र निशाने पर रहते हैं। फिलिस्तीन और गाजा के अधिकतर शहर खंडहर में बदल चुके हैं। लाखों लोगों ने पलायन करके दूसरे देशों में शरण ले रखी है। हालांकि जिन परिवारों का उनके ही देश में सुरक्षित ठिकाना था वे सभी वहां शिफ्ट हो गए हैं। शहरों में जल और खाद्य संकट है।ALSO READ: ज्योतिष की नजर में क्यों है 2025 सबसे खतरनाक वर्ष?
 
1. पहली खास बात: दुनिया के वे सभी इलाके युद्ध से सुरक्षित रहते हैं जो कि ठेठ ग्रामीण या जंगली क्षेत्र हैं। इंटिरियर इलाकों में युद्ध की आग नहीं पहुंचती है। यदि आप घनी शहरी आबादी में रहते हैं तो आपको भी सुरक्षित ठिकाने ढूंढना होंगे। यदि आप समाज और सरकार का सहयोग कर सकते हैं तो पहले अपने परिवार को सुरक्षित जगह पर रखें। उन इलाकों  में अन्न जल का उतना संकट नहीं रहता है।
 
2. दूसरी खास बात: भीड़ भरे और असुरक्षित इलाके से दूर रहें और सरकार द्वारा समय समय पर जारी की जा रही गाइडलाइन्स को फॉलो करें। घबराएं नहीं और किसी भगदड़ में शामिल न होकर शांति एवं समझदारी से काम लेना चाहिए। किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधियों और लूटपाट से दूर रहें। वे लोग जो संकटकाल में सरकार का साथ न देकर अपने ही स्वार्थ में लगे रहते हैं वे सभी अपने देश के लिए और भी ज्यादा संकट खड़ा कर देते हैं। किसी भी प्रकार की अफवाह नहीं फैलाना चाहिए और किसी अफवाह के झांसे नहीं आना चाहिए। स्वविवेक का उपयोग करें।
 
3. तीसरी खास बात: आपको अपने घर के जरूरी कागजात, गोल्ड और कैश को सुरक्षित तरीके से रखना चाहिए। हो सके तो इन्हें कहीं सुरक्षित स्थान पर रखें। यदि गांव में आपका या आपके निकट रिश्तेदार का कोई घर है जिन पर आप विश्वास करते हैं तो वहां इन्हें रख सकते हैं। ध्यान रहे कि जहां पर भी युद्ध का खतरा ज्यादा रहता है वहां पर कैश का प्रचलन बढ़ जाता है, क्योंकि युद्ध के कारण ऑनलाइन व्यवस्था ध्वस्त होने की संभावना रहती है। दुनिया फिर से मध्ययुगीन व्यवस्था पर पहुंच जाती है।ALSO READ: Guru Gochar 2025: दुनिया में महायुद्ध करवाते हैं अतिचारी गुरु, 8 साल तक रहेगी बृहस्पति की यह स्थिति
 
4. चौथी खास बात: यदि आप सक्षम हैं तो अपने फार्म हाउस को अपना सुरक्षित ठिकाना बनाएं। कोरोना काल के बाद अब लोगों की यह सोच बनती जा रही है कि जमीन का सुरक्षित घर और फार्म हाउस होना चाहिए जो कि शहर से इतनी दूर हो कि वहां पर आसानी से आया जा सके। फॉर्म हाउस पर आप जिंदा रहने के सभी जरूरी सामान जुटाकर रखें। जैसे लालटेन, सिगड़ी, मल्टीपल पेचकस, चकमक पत्थर, फोल्डिंग डंडा, घट्टी, सिलबट्टा और खल बत्ता, डायरेक्शन बताने वाला कंपास, सूखी खाद्य सामग्री, बैटरी या सेल वाला रेडियो, केटली और सुराही, मिक्सर, किचन का जरूरी सामान आदि। इसी के साथ ही सोलर सिस्टम लगाकर रखें।
 
5. पांचवीं खास बात: अपने बच्चों को सही शिक्षा देकर युद्ध से सुरक्षित रहने के तरीके बताना चाहिए। बच्चों में किसी भी प्रकार का डर न बैठाएं बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाना सिखाएं। एकदम से छोटे बच्चे तो आप पर ही निर्भर रहते हैं तो उनकी व्यवस्था पहले करें। 
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