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मुझे गुजरात के गधों के बारे में जानना भी नहीं है : अखिलेश यादव

Updated: बुधवार, 22 फ़रवरी 2017 (16:41 IST)
बहराइच। उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 'गुजरात के गधों' के प्रचार को लेकर शुरू हुई जुबानी जंग में अपने गुजराती समकक्ष विजय रूपानी को जवाब देते हुए कहा कि वे अब गधों के बारे में जानना ही नहीं चाहते।
अखिलेश ने यहां आयोजित चुनावी सभा में 'गुजरात के गधों' वाली अपनी हाल की टिप्पणी पर गुजरात के मुख्यमंत्री के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि बहराइच में शेर भी है, चीता भी है। कतर्नियाघाट में तो घड़ियाल भी हैं, मैं इस बात को बढ़ाना नहीं चाहता था, लेकिन गुजरात के मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को हमारे गधों के बारे में पता नहीं है। इस पर हम कहते हैं कि हमें गधों के बारे में जानना भी नहीं है। हमें तो काम के बारे में बात करनी है। 
 
मालूम हो कि मुख्यमंत्री ने गत 20 फरवरी को रायबरेली के ऊंचाहार में आयोजित चुनावी सभा में गुजरात सरकार के पर्यटन विभाग के टीवी विज्ञापन की तरफ इशारा करते हुए कहा था कि एक गधे का विज्ञापन आता है। मैं सदी के महानायक से अपील करता हूं कि वे गुजरात के गधों का प्रचार ना करें। इस पर गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपानी ने मंगलवार को कहा था कि अखिलेश ने यह टिप्पणी करके गुजरात का अपमान किया है।
 
ज्ञातव्य है कि गुजरात पर्यटन के ब्रांड एम्बेसेर अमिताभ 'वाइल्ड एस सेंक्चुरी' के टीवी विज्ञापन में गुजरात के कच्छ स्थित रण में स्थित अभयारण्य में रहने वाले जंगली गधों की खूबियां गिनाते दिखते हैं और वे पर्यटकों से अभयारण्य में आने का आग्रह करते नजर आते हैं। (भाषा)

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