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UNGA78: यूक्रेनी राष्ट्रपति ने कहा, रूस कर रहा है खाद्य सामग्री व ऊर्जा का हथियार के तौर पर इस्तेमाल

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यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेन्स्की ने यूएन महासभा में विश्व नेताओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि रूस, परमाणु  धमकियों के साथ-साथ वैश्विक खाद्य एवं ऊर्जा बाज़ारों को भी हथियार के रूप में इस्तेमाल में ला रहा है। यूक्रेन के राष्ट्रपति ने कहा कि रूस यह सिर्फ़ उनके देश के विरुद्ध नहीं, बल्कि ‘आप सभी के विरुद्ध भी इस्तेमाल में ला रहा है’

युद्ध शुरू होने के बाद, रूस ने काला सागर और ऐज़ोव सागर में स्थित यूक्रेनी बन्दरगाहों की नाकेबन्दी कर दी थी, जबकि डेन्यूब नदी में बन्दरगाहों पर ड्रोन व मिसाइल हमले किए गए हैं। राष्ट्रपति ज़ेलेन्स्की ने कहा कि यह वैश्विक बाज़ारों में खाद्य क़िल्लत को हथियार बनाने की एक स्पष्ट रूसी कोशिश है, जिसके बदले में उसे क़ब्ज़े में किए गए इलाक़ों की मान्यता चाहिए।

उनके अनुसार खाद्य वस्तुओं को इस तरह से हथियार बनाए जाने का असर, अफ़्रीका से दक्षिण-पूर्व एशिया तक देखा गया है। ‘आक्रामक [ताक़त] अब अनेक चीज़ों को हथियार बना रहा है... वे चीज़ें जोकि सिर्फ़ हमारे देश के विरुद्ध नहीं, बल्कि आपके देश के विरुद्ध भी इस्तेमाल हो रही है’

‘हथियारों के विरुद्ध अनेक सन्धियां हैं, लेकिन वैश्विक खाद्य आपूर्ति व ऊर्जा को... हथियार के रूप में इस्तेमाल लाने के विरुद्ध कोई भी नहीं है’ राष्ट्रपति ज़ेलेन्स्की ने कहा कि रूस, काला सागर अनाज निर्यात पहल को कमज़ोर बना रहा है, मगर यूक्रेन ने वैश्विक खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपना समर्थन जारी रखा है।
इसके तहत, यूक्रेनी बन्दरगाहों से एक अस्थाई समुद्री गलियारा शुरू किया गया है, और अनाज निर्यात के लिए भूमि मार्ग की सुरक्षा के प्रयास किए जा रहे हैं।

नफ़रत किसी एक देश तक सीमित नहीं : राष्ट्रपति ज़ेलेन्स्की ने कहा कि रूस बड़े पैमाने पर यूक्रेनी बच्चों के सामूहिक अपहरण और देश से बाहर भेजने को अंजाम दे रहा है, जोकि इसे जनसंहार की श्रेणी में लाता है। रूस में बच्चों को यूक्रेन से नफ़रत करना सिखाया जाता है और उनके परिवारों के साथ सभी रिश्ते तोड़े जा रहे हैं। जब किसी एक राष्ट्र के विरुद्ध नफ़रत को हथियार बनाया जाता है, तो यह कभी वहां नहीं रुकता।

यूक्रेनी नेता ने बुधवार को सुरक्षा परिषद में एक शान्ति फ़ार्मूला पेश करने की बात कही है, जोकि पीड़ित देश की शर्तों पर आक्रामकता का अन्त करने के लिए एक फ़्रेमवर्क के तौर पर काम करेगा। उन्होंने देशों के बीच एकता का आग्रह किया और कहा कि रूस दुनिया को अंतिम युद्ध की ओर धकेल रहा है। राष्ट्रपति ज़ेलेन्स्की ने कहा कि यूक्रेन यह सुनिश्चित करने के लिए हरसम्भव प्रयास कर रहा है कि दुनिया में कोई भी देश किसी दूसरे राष्ट्र पर हमला ना कर पाए।

‘हर देश को संयम बरतना होगा, युद्ध अपराधों को दंडित किया जाना होगा, देश निकाला दिए गए लोगों को वापिस आना होगा, और क़ब्ज़ा करने वाले लोगों को अपनी ज़मीन पर लौटना होगा’
(Credit: UN News Hindi)
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