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तमिलनाडु तट पर मिली रहस्यमयी 'मनहूस मछली' क्या तबाही की है भविष्यवाणी, 2011 सुनामी के पहले भी आई थी नजर

Written By Feature Desk
Updated: शुक्रवार, 6 जून 2025 (16:57 IST)
why are oarfish called doomsday fish: एक ओर जहाँ सोशल मीडिया पर नए-नए विवाद जन्म ले रहे हैं, वहीं दूसरी ओर प्रकृति से जुड़ी एक हैरान कर देने वाली खबर ने लोगों को चिंता में डाल दिया है। हाल ही में तमिलनाडु के समुद्री तट पर मछुआरों ने एक बेहद अनोखी मछली पकड़ी, जिसने सभी को हैरत में डाल दिया। यह कोई साधारण मछली नहीं, बल्कि एक ओअरफिश (Oarfish) है। इसकी लंबाई 30 फीट तक जा सकती है और यह आमतौर पर समुद्र की 200 से 1000 मीटर गहराई में रहती है। इसका सतह पर आना न सिर्फ दुर्लभ है, बल्कि आने वाले संकट की पूर्व सूचना भी माना जाता है।
 
क्यों 'डूम्सडे फिश' को माना जाता है मनहूस?
ओअरफिश को लेकर वर्षों से एक मान्यता चली आ रही है कि इसके दिखने का मतलब किसी बड़ी प्राकृतिक आपदा का आना होता है। यही वजह है कि इसे 'डूम्सडे फिश' यानी 'प्रलय की मछली' भी कहा जाता है। इसकी सबसे चर्चित घटना जापान में 2011 की है, जब भयानक भूकंप और सुनामी से पहले कई ओअरफिश समुद्र किनारे मरी हुई मिली थीं। इस घटना के बाद से यह विश्वास और मजबूत हुआ कि इस मछली का जमीन के नीचे होने वाली भूगर्भीय हलचलों से कोई रहस्यमय रिश्ता हो सकता है।

जापानी मान्यताओं के अनुसार, ओअरफिश का गहराई से सतह पर आना इस बात का इशारा होती है कि समुद्र के नीचे कुछ बड़ी हलचल हो रही है। वहाँ इसे प्राकृतिक चेतावनी के रूप में देखा जाता है। वैज्ञानिक रूप से इस बात का कोई पुख्ता प्रमाण नहीं है कि ओअरफिश का दिखना सीधे तौर पर किसी आपदा से जुड़ा है। हालाँकि, कुछ वैज्ञानिकों का मानना है कि गहरे समुद्र में होने वाली हलचलें, जैसे भूकंप या सुनामी से पहले पानी के तापमान या दबाव में बदलाव, इन मछलियों को सतह पर आने के लिए मजबूर कर सकते हैं।

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क्या जापानी बाबा वेंगा की भविष्यवाणी से है संबंध
हाल ही में जापानी बाबा वेंगा के नाम से प्रसिद्द  रयो तातसुकी ने एक ऐसी भविष्यवाणी की है, जिसने जापान सहित दुनिया भर के लोगों को दहशत में डाल दिया है। इस भविष्यवाणी के मुताबिक, 5 जुलाई 2025 को जापान और फिलीपींस के बीच समुद्र में एक बड़ी दरार बनेगी। जिसके कारण एक विनाशकारी सुनामी आएगी।  तातसुकी ने दावा किया है कि यह सुनामी 2011 की विनाशकारी तोहोकू सुनामी से तीन गुना ऊंची होगी। इतना ही नहीं, तातसुकी ने जापान के समुद्र के उबलने की भी बात कही है। जिसका अर्थ पानी के नीचे ज्वालामुखी विस्फोट या एक बड़े भूकंप माना जा रहा है, जिसके कारण समुद्री जल का तापमान खतरनाक स्तर तक बढ़ सकता है।

तमिलनाडु के तट पर इस रहस्यमयी मछली का दिखना क्या वाकई किसी प्राकृतिक चेतावनी का संकेत है, या यह सिर्फ एक दुर्लभ प्राकृतिक घटना है? यह तो आने वाला समय ही बताएगा। लेकिन, इस घटना ने एक बार फिर प्रकृति के रहस्यों और उसकी अपार शक्ति पर सोचने पर मजबूर कर दिया है। सवाल यह भी है कि क्या तमिलनाडु के तट पर ओअरफिश जिसे मनहूस 'डूम्सडे फिश भी कहा जाता है, का मिलना भी क्या इसी भविष्यवाणी का सत्यापन है!

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