जाते जाते कोच रवि शास्त्री ने बताया क्यों टीम इंडिया सेमीफाइनल में नहीं पहुंच पायी

Last Updated: सोमवार, 8 नवंबर 2021 (23:08 IST)
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दुबई: भारत के के रूप में नामीबिया के खिलाफ अपने अंतिम मैच से पूर्व रवि शास्त्री ने स्वीकार किया कि भारतीय टीम के दौरान मानसिक और शारीरिक रूप से थकी हुई थी और उसने ‘जीतने का प्रयास’ भी नहीं किया क्योंकि टीम बड़े मैचों में दबाव की स्थिति के दौरान अच्छा प्रदर्शन करने में नाकाम रही।
शास्त्री ने कहा कि उनके उत्तराधिकारी राहुल द्रविड़ को ‘विरासत’ में शानदार टीम मिली है और अपने स्तर और अनुभव को देखते हुए टीम के स्तर में सुधार ही करेंगे।

इयान बिशप ने जब टी20 विश्व कप में असफल अभियान के बारे में पूछा तो शास्त्री ने ‘स्टार स्पोर्ट्स’ से कहा, ‘‘सबसे पहले मेरे दिमाग में आराम की बात आती है। मैं मानसिक रूप से थका हुआ हूं लेकिन मेरी उम्र में मैं ऐसा होने की उम्मीद करता हूं। लेकिन ये खिलाड़ी मानसिक और शारीरिक रूप से थके हुए हैं। छह महीने से जैविक रूप से सुरक्षित माहौल का हिस्सा हैं... आदर्श स्थिति में हम इंडियन प्रीमियर लीग और टी20 विश्व कप के बीच में लंबा ब्रेक चाहते क्योंकि बड़े मैचों के साथ आप पर दबाव आता है तो आप उस तरह प्रदर्शन नहीं पाते जैसा आप करना चाहते हैं।’’

शास्त्री ने कहा कि वह कोई बहाना नहीं बनाना चाहते लेकिन टीम यहां प्रयास करने और मैच जीतने के लिए सर्वश्रेष्ठ स्थिति में नहीं थी।उन्होंने कहा, ‘‘यह कोई बहाना नहीं है। हम हार स्वीकार करते हैं और हम हारने से नहीं डरते। जीतने का प्रयास करते हुए आप मैच हार सकते हैं लेकिन यहां हमने जीतने का प्रयास नहीं किया क्योंकि हमें एक्स फेक्टर (तुरुप का पत्ता) की कमी खल रही थी।’’

शास्त्री का मानना है कि द्रविड़ के लिए सबसे अच्छी बात यह होगी कि उनके पास एक विश्व स्तरीय टीम होगी जो बदलाव के दौर से गुजरने से कम से कम चार साल दूर है। द्रविड़ के कार्यकाल की शुरुआत न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू सरजमीं पर टी20 और टेस्ट श्रृंखला के साथ होगी।

शास्त्री ने कहा, ‘‘बेशक राहुल द्रविड़ के रूप में हमारे पास ऐसा व्यक्ति है जिसे विरासम में शानदार टीम मिलेगी और अपने स्तर और अनुभव के साथ वह आने वाले समय में स्तर को और बेहतर ही करेगा।’’

उन्होंने कहा, ‘‘यहां काफी खिलाड़ी हैं जो तीन से चार साल और खेलेंगे जो काफी महत्वपूर्ण है। यह टीम बदलाव के दौर से नहीं गुजर रही और रातों रात नहीं बदलने वाली।’’शास्त्री ने कहा, ‘‘विराट अभी यहां हैं और टीम के नेतृत्वकर्ता के रूप में वह टेस्ट क्रिकेट का सबसे बड़ा और सर्वश्रेष्ठ दूत है। ’’

शास्त्री ने कहा कि उन्हें अपने काम में सबसे अधिक संतुष्टि ऐसी टीम तैयार करके मिली जो विदेशों में टेस्ट मैच जीत सकती है।उन्होंने कहा, ‘‘सभी प्रारूपों में काफी सकारात्मक पक्ष है लेकिन मैं कहूंगा कि लाल गेंद से दुनिया भर में जीत दर्ज करना, वेस्टइंडीज, श्रीलंका, आस्ट्रेलिया में जीतना।’’

कोविड-19 के कारण स्थगित पांचवें टेस्ट के संदर्भ में शास्त्री ने कहा, ‘‘इंग्लैंड में हम श्रृंखला में आगे हैं जो टेस्ट इतिहास की सबसे लंबी बढ़त होगी क्योंकि अगला टेस्ट अगले साल खेला जाएगा लेकिन मुझे इसमें कोई समस्या नहीं और 12 महीने इंतजार के लिए तैयार हूं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन इन टीमों और प्रत्येक टीम को लाल और सफेद गेंद के क्रिकेट में हराना। हमने टीमों को उनके घर में हराया जो मेरा और टीम का लक्ष्य था। आप हमेशा घर पर शेर थे लेकिन जब हम विदेश में जाते थे तो हम अच्छा प्रदर्शन नहीं करते थे। इस टीम ने बड़ा अंतर पैदा किया। ’’(भाषा)



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