Hanuman Chalisa

लजीज रसभरी गुझिया

Written By WD
Updated: सोमवार, 24 अक्टूबर 2011 (13:03 IST)
ND


आवश्यक सामग्र ी
गुझिया में भरने के लिए मिश्रण :
मावा एक कप, पिसी चीनी या बूरा एक कप, काजू टुकड़े पाव कटोरी, किशमिश 15-20, इलायची पावडर आधा चम्मच, सूखा नारियल का बूरा आधा कप, चिरोंजी दो चम्मच, तलने के लिए घी।

गुझिया आटा की सामग्री :
मैदा चार कप, घी एक कप, चीनी 2 कप चाशनी के लिए।

विधि :
भारी तले की कड़ाही में मावा ब्राउन होने तक भून लीजिए। भूने मावा को एक बर्तन में निकाल लीजिए। अब मावे में शक्कर का बूरा, काजू, किशामिश, इलायची, नारियल और चिरोंजी डाल कर अच्छी तरह से मिक्स कर लीजिए। गुझियों में भरने के लिए कसार तैयार हैं।

मैदा छान कर उसमें पिघला घी डालकर मिलाइए। गुनगुने पानी की सहायता से कड़ा आटा गूंथ लीजिए। आटे को करीब आधा घंटा गीले कपड़े से ढंक कर रखें। आधे घंटे बाद आटे को मसल कर मुलायम कीजिए, छोटी-छोटी लोइयां तोड़िएं, सभी लोइयां बनने पर गीले कपड़े से ढंक दीजिए। लोई की मोटी पूरी बेल कर बीचोंबीच एक चम्मच कसार रखिए, किनारों पर पानी लगाइएं, पूरी को मोड़कर बन्द कीजिए तथा उंगलियों से दबाकर अच्छी तरह चिपकाएं। किनारे को हाथ से गोठ लीजिए। थोड़ी देर सूती कपड़े पर रखें।

अब मोटे तले की कड़ाही में घी गरम करके गुझिया डाले और धीमी आंच में ब्राउन होने तक तल लें। गैस पर दूसरी ओर चाशनी तैयार कर लें। गुझिया को चाशनी में डुबोइए और कलछी से निकाल कर दूसरी थाली में रखें। ठंडी गुझियों डिब्बे में भर दें।

Show comments

सभी देखें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

सभी देखें

15 अगस्त विशेष: शहीदों के सपनों का भारत नारों से नहीं, हमारे चरित्र और कर्म से बनेगा

जब उम्मीद थक जाए, तब साहस काम आता है

असली पनीर और Analog Paneer में क्या है फर्क? खरीदने से पहले ऐसे करें पहचान

लोकतंत्र की पहली पाठशाला: छात्रसंघ चुनावों की वापसी क्यों जरूरी? जानें युवाओं की बड़ी जिम्मेदारी

गरीबी चुराने कोई नहीं आता!