biodatamaker

इस वसंत पंचमी पर देवी सरस्वती को चढ़ाएं यह खास भोग, नोट करें रेसिपी

Written By WD Feature Desk
Updated: मंगलवार, 13 फ़रवरी 2024 (14:45 IST)
santre ki basundi 
 
Vasant Panchami Naivedya: संतरे की बासुंदी गुजरात का एक लोकप्रिय व्यंजन हैं। यदि वसंत पंचमी के दिन आप देवी सरस्वती को यह भोग लगाते हैं तो माता प्रसन्न होकर आपकी झोली खुशियों से भर देंगी तथा आपको हर क्षेत्र में सफलता मिलने लगेगी।

तो आइए देर किस बात की, जानते हैं यहां संतरे की बासुंदी (Orange basundi) बनाने की एकदम सरल विधि- 
 
संतरे की बासुंदी- 
 
सामग्री : 5 संतरे, 
2 लीटर दूध, 
250 ग्राम शकर, 
1/4 चम्मच इलायची पाउडर, 
केसर के लच्छे, 
मेवे की कतरन। 
 
विधि :

संतरे की बासुंदी बनाने के लिए सर्वप्रथम दूध को गर्म कर लें, फिर शकर डालकर गाढ़ा होने तक अच्छी तरह उबाल लें। 
 
दूध को तब तक उबालें जब तक दूध आधा न रह जाएं। 
 
फिर आंच से उतार लें और ठंडा होने पर फ्रिज में रख दें। 
 
अब 2 संतरे का रस निकाल लें और 3 संतरे को छीलकर कली अलग-अलग करें और फ्रिज में रख दें। 
 
दूध ठंडा होने पर संतरे का रस व कली उबले हुए ठंडे दूध में मिला लें। 
 
अब इलायची पाउडर डालें, केसर घोंटकर डालें। 
 
ऊपर से मेवे की कतरन बुरकाएं और संतरे की बासुंदी का देवी सरस्वती को भोग लगाएं।

ALSO READ: इस बसंत पंचमी पर इन खास भोग से प्रसन्न होंगी मां सरस्वती, अभी नोट करें 5 रेसिपी
लेखक के बारे में
WD Feature Desk
अनुभवी लेखक, पत्रकार, संपादक और विषय-विशेषज्ञों द्वारा लिखे गए गहन और विचारोत्तेजक आलेखों का प्रकाशन किया जाता है।.... और पढ़ें

Show comments

सभी देखें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

सभी देखें

लोकतंत्र की पहली पाठशाला: छात्रसंघ चुनावों की वापसी क्यों जरूरी? जानें युवाओं की बड़ी जिम्मेदारी

गरीबी चुराने कोई नहीं आता!

9 अगस्त विश्व आदिवासी दिवस: जानिए इतिहास और इसका महत्व

15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस पर निबंध: जानें भारत की आजादी का इतिहास और महत्व

तुर्की, पाकिस्तान और सऊदी अरब ने किया त्रिपक्षीय सैन्य समझौता

अगला लेख