बजरंग, विनेश और पूजा को ग्रेड ए ग्रेड अनुबंध, सुशील, साक्षी फिसले

Last Updated: शुक्रवार, 30 नवंबर 2018 (22:32 IST)
गोंडा (उत्तर प्रदेश)। भारतीय (डब्ल्यूएफआई) ने शुक्रवार को पहलवानों के लिए केंद्रीय अनुबंध प्रणाली की शुरुआत की जिसमें स्टार पहलवान बजरंग पूनिया और को पूजा ढांडा के साथ 30 लाख रुपए की राशि के शीर्ष ग्रेड ए अनुबंध में शामिल किया गया।

इसकी उम्मीद थी कि बजरंग और विनेश को शीर्ष ग्रेड में शामिल किया जाएंगा जिन्होंने इस वर्ष क्रमश : राष्ट्रमंडल खेलों और एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीते थे।
पूजा ने हाल में विश्व चैम्पियनशिप में पदक जीता था और वह ऐसा करने वाली चौथी भारतीय महिला बन गई थी। दो बार के ओलंपिक पदकधारी और रियो ओलंपिक की कांस्य पदकधारी शीर्ष ग्रेड में जगह नहीं बना सके, दोनों पिछले कुछ समय से फार्म से जूझ रहे हैं।

इन दोनों को ग्रेड बी में रखा गया है जिसमें एक साल में 20 लाख रुपए की वित्तीय मदद दी जाएंगी। एक साल के बाद अनुबंधों की समीक्षा भी की जाएंगी। भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) द्वारा मान्यता प्राप्त एकमात्र राष्ट्रीय खेल महासंघ है जिसने अपने खिलाड़ियों के लिए अनुबंध की पेशकश की है और ऐसा करने वाली बीसीसीआई के बाद दूसरी खेल संस्था है।

डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष ब्रज भूषण शरण सिंह ने के की मौजूदगी में यहां नन्दिनी नगर सीनियर राष्ट्रीय चैम्पियनशिप का उद्घाटन किया। सिंह ने कहा, ‘ग्रेड की समीक्षा के बाद पहलवान ऊपर नीचे हो सकते हैं।’ डब्ल्यूएफआई के सहायक सचिव विनोद तोमर ने कहा कि यह अनुबंध 15 नवंबर से प्रभावी होगा। उन्होंने कहा, ‘पहलवानों को तिमाही आधार पर राशि दी जाएंगी। इससे वे आत्मनिर्भर होंगे।’

उल्लेखनीय है कि डब्ल्यूएफआई के अनुबंध पर हस्ताक्षर करने वाले पहलवानों को किसी अन्य संस्था जैसे जेएसडब्ल्यू से वित्तीय सहयोग लेने की अनुमति नहीं दी जाएंगी। सुशील और साक्षी को बी ग्रेड में रखने के फैसले के बारे में सिंह ने कहा, ‘सुशील ने अपने दो ओलंपिक पदकों से देश में खेल का चेहरा ही बदल दिया है।
हमें यह जानते हुए भी उसे सूची में शामिल करना पड़ा, कि वह टूर्नामेंट में इतना भाग नहीं ले रहा है। साक्षी का प्रदर्शन भी उतार-चढ़ाव भरा रहा है लेकिन पहलवान अपने अच्छे प्रदर्शन से शीर्ष वर्ग में जगह बना सकते हैं।’ विनेश ने इस कदम की यह कहते हुए प्रशंसा की कि इससे जूनियर स्तर पर खेल को काफी फायदा होगा।
उन्होंने कहा, ‘जूनियर पहलवानों के लिए यह अच्छा है। इससे खिलाड़ी प्रेरित होंगे जिससे पदक, शोहरत आएंगी और सहयोग मिलेगा।’ उन्होंने साथ ही कहा, ‘अब बजट भी बढ़ेगा और हम इसे ट्रेनिंग और टूर्नामेंट के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। हम फंड के बारे में सोचे बिना अब बेहतर योजना बना सकते हैं। मेरी योजना अगले साल कम से कम पांच टूर्नामेंट में खेलने की है, विशेषकर यूडब्ल्यूडब्ल्यू रैंकिंग के टूर्नामेंटों में।’

साक्षी ने कहा कि वह शीर्ष ग्रेड में नहीं आने से थोड़ी निराश हैं, उन्होंने कहा, ‘हां, मैं शीर्ष ग्रेड में आने की उम्मीद कर रही थी लेकिन एक बार फिर मैं मजबूत प्रदर्शन करूंगी जिससे मेरे पास शीर्ष ग्रेड में जाने का अच्छा मौका होगा।’ सी ग्रेड में खिलाड़ियों को 10 लाख रुपए का सहयोग मिलेगा।

इसमें संदीप तोमर, ग्रीको रोमन पहलवान साजन भानवाल, विनोद ओम प्रकाश, रितु फोगाट, सुमित मलिक, प्रतिभाशाली दीपक पूनिया और एशियाई खेलों की कांस्य पदकधारी दिव्या काकरान शामिल हैं।

डी ग्रेड में पांच लाख रुपए की मदद मिलेगी। इसमें राहुल अवारे, नवीन, सचिन राठी, ग्रीको रोमन पहलवान विजय, रवि कुमार, सिमरन, मानसी और अंशु मलिक शामिल हैं।

ग्रेड ई में चार पहलवान नवजोत कौर, किरण, हरप्रीत सिंह और जितेंदर कुमार शामिल हैं जिन्हें तीन लाख रुपए का सहयोग मिलेगा। ग्रेड जी से आई तक अंडर-23, जूनियर, कैडेट और अंडर-15 राष्ट्रीय चैम्पियनशिप के 30 स्वर्ण पदकधारी पहलवान शामिल हैं।

ग्रेड एफ (अंडर-23) के पहलवानों को प्रत्येक वर्ष 1,20,000 रुपए, जी ग्रेड (जूनियर) को 90,000 रुपए, एच ग्रेड (कैडेट) को 60,000 रुपए और आई वर्ग (अंडर-15) को प्रत्येक वर्ष 36,000 रुपए मिलेंगे।

विश्व में दसवें नंबर के आयरलैंड ने आक्रमण और रक्षण में अच्छा खेल दिखाकर ऑस्ट्रेलिया को काफी परेशान किया। ऑस्ट्रेलिया का पेनल्टी कार्नर में भी अच्छा प्रदर्शन नहीं रहा। वह पांच में से केवल एक पेनल्टी कार्नर को ही गोल में बदल पाया। ऑस्ट्रेलिया की तरफ से ब्लैक गोवर्स (11वें मिनट) और टिम ब्रांड (34वें मिनट) ने गोल किए जबकि आयरलैंड की तरफ से एकमात्र गोल शेन ओ डोनोगे (13वें मिनट) ने किया।

दोनों टीमों के बीच काफी अंतर है लेकिन आयरलैंड ने पहले दो क्वार्टर में ऑस्ट्रेलिया की पूरी तरह से बराबरी की। वह आयरलैंड था जिसने गोल में पहला शाट जमाया लेकिन ऑस्ट्रेलियाई गोलकीपर एंड्रयू चार्टर ने सीन मर्रे और मैथ्यू नेल्सन दोनों के शॉट बचाकर संकट आल दिया।

ऑस्ट्रेलिया खेल आगे बढ़ने के साथ आत्मविश्वास में दिखा और उसे 11वें मिनट में पेनल्टी स्ट्रोक मिला। आयरलैंड ने वीडियो रेफरल मांगा जिसके बाद अंपायर का फैसला बदल दिया गया और ऑस्ट्रेलिया को पेनल्टी कार्नर मिला। गोवर्स ने फ्लिक से इसे गोल में बदला।

ऑस्ट्रेलिया की बढ़त हालांकि दो मिनट तक रही और ओ डोनोगे ने मर्रे से मिली गेंद पर गोल करके स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। दूसरे क्वार्टर में भी दोनों टीमों ने आक्रामक खेल दिखाया लेकिन गोल नहीं कर पाई। इस क्वार्टर में आयरलैंड ने भी पेनल्टी कार्नर गंवाया जबकि अंतिम क्षणों में ऑस्ट्रेलिया दो पेनल्टी कार्नर का फायदा नहीं उठा सका।

ऑस्ट्रेलिया ने आखिर में मध्यांतर के बाद चौथे मिनट में गोल करके बढ़त बनाई और उसे आखिर तक बनाए रखा। कोरे वेयर मध्यपंक्ति से गेंद लेकर आगे बढ़े और उन्होंने उसे बाक्स के अंदर अकेले खड़े ब्रांड को थमाया जिन्होंने दूसरे प्रयास में गोल किया। (भाषा)

 

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