सम्बंधित जानकारी
- हरमनप्रीत ने बिग बैश लीग में सिडनी थंडर्स के साथ किया करार
- अंतिम एकादश पर सवाल नहीं उठाए जा सकते, भारतीय टीम का दिन खराब था : एडुल्जी
- IND Vs AUS 3rd T20 : जीत के लिए बेताब भारत करो या मरो मुकाबले के लिए तैयार
- ट्वंटी-20 विश्वकप सेमीफाइनल में मिताली को बाहर बैठाने का पछतावा नहीं : हरमनप्रीत
- ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों को लंबे कद का फायदा लेकिन भारतीय बल्लेबाज भी तैयार : रोहित
मिताली ने एडुल्जी पर पक्षपात का आरोप लगाया, कहा कोच ने अपमानित किया
नई दिल्ली। भारत की सीनियर महिला क्रिकेटर और वनडे कप्तान मिताली राज ने प्रशासकों की समिति की सदस्य डायना एडुल्जी और कोच रमेश पोवार पर बरसते हुए कहा कि सत्ता में मौजूद कुछ लोग उन्हें बर्बाद करने की कोशिश कर रहे हैं।
इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 विश्व कप सेमीफाइनल से बाहर करने पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए मिताली ने आरोप लगाया कि उन्हें बाहर करने का समर्थन करने वाली एडुल्जी ने उनके खिलाफ अपने पद का फायदा उठाया।
भारत को इंग्लैंड ने आठ विकेट से हराया। पैतीस बरस की मिताली ने ग्रुप चरण में दो अर्द्धशतक जमाए थे। उन्होंने बीसीसीआई सीईओ राहुल जोहरी और क्रिकेट संचालन महाप्रबंधक सबा करीम को लिखे पत्र में कहा, ‘मेरे 20 बरस के लंबे करियर में पहली बार मैने अपमानित महसूस किया।
मुझे यह सोचने पर मजबूर होना पड़ा कि देश के लिए मेरी सेवाओं की अहमियत सत्ता में मौजूद कुछ लोगों के लिए है भी या नहीं या वे मेरा आत्मविश्वास खत्म करना चाहते हैं।’
उन्होंने कहा, मैं टी-20 कप्तान हरमनप्रीत के खिलाफ कुछ नहीं कहना चाहती लेकिन मुझे बाहर रखने के कोच के फैसले पर उसके समर्थन से मुझे दुख हुआ।
मिताली ने कहा, मैं देश के लिए विश्व कप जीतना चाहती थी। मुझे दुख है कि हमने सुनहरा मौका गंवा दिया। उन्होंने भारत की पूर्व कप्तान एडुल्जी को आड़े हाथों लिया जिन्होंने उसे बाहर रखने के फैसले का समर्थन किया था।
मिताली ने कहा, मैने हमेशा डायना एडुल्जी पर भरोसा जताया ओर उनका सम्मान किया। मैंने कभी यह नहीं सोचा कि वह मेरे खिलाफ अपने पद का दुरूपयोग करेगी। खासकर तब जबकि वेस्टइंडीज में जो कुछ मेरे साथ हुआ, मैं उन्हें बता चुकी थी।
उन्होंने कहा, मुझे सेमीफाइनल से बाहर रखने के फैसले को उनके समर्थन से मैं काफी दुखी हूं क्योंकि उन्हें तो असलियत पता थी। पोवार के बारे में उन्होंने कहा कि ऐसी कई घटनायें हुई जब उसने अपमानित महसूस किया।
उन्होंने, यदि मैं कहीं आसपास बैठी हूं तो वह निकल जाते थे या दूसरों को नेट पर बल्लेबाजी करते समय देखते थे लेकिन मैं बल्लेबाजी कर रही हूं तो नहीं रूकते थे। मैं उनसे बात करने जाती तो फोन देखने लगते या चले जाते। उन्होंने कहा, यह काफी अपमानजनक था और सभी को दिख रहा था कि मुझे अपमानित किया जा रहा है। इसके बावजूद मैने अपना आपा नहीं खोया। (भाषा)
