आंसुओं में डूब गई चैम्पियन बोल्ट की विदाई...

लंदन| पुनः संशोधित सोमवार, 14 अगस्त 2017 (21:47 IST)
लंदन। दुनिया के सबसे तेज़ धावक जमैका के के जीवन की आखिरी रेस उनकी उम्मीदों और सपनों से बिल्कुल उलट रही। लंबे इंतज़ार के बाद शुरू हुई चार गुणा 100 मीटर रेस के एंकर लेग में वह चोटिल होकर जैसे ही गिरे न सिर्फ उनकी टीम की पदक उम्मीदें समाप्त हो गईं बल्कि बोल्ट का भी ट्रैक को खुशी के साथ विदा कहने का सपना आंसुओं और गहरे दु:ख में तब्दील हो गया।





लगातार तीन ओलंपिक बीजिंग, और फिर रियो में 100, 200 और चार गुणा 100 मीटर रिले रेसों में आठ ओलंपिक पदक और 11 विश्व खिताब अपने नाम रखने वाले और इस धरती के सबसे तेज़ धावक की ख्याति वाले बोल्ट पर दुनियाभर की निगाहें लगी थीं।





लेकिन 100 मीटर में कांस्य पर ठिठक गए जमैकन धावक लंदन में रविवार को संपन्न हुई विश्व चैंपियनशिप की अपनी आखिरी चार गुणा 100 मीटर रेस में जब टीम के आखिरी लेग में दौड़े तो वह पैर में खिंचाव आने के कारण गिर पड़े और स्वर्ण की दावेदार उनकी टीम फिनिश भी नहीं कर सकी।




रेस में स्पर्धा का स्वर्ण पदक ग्रेट ब्रिटेन ने 37.47 सेकंड के साथ जीता। रजत पदक पर अमेरिका ने 37.52 सेकंड के साथ हासिल किया। जापान 38.04 सेकंड के साथ कांस्य पदक पर कब्जा जमाने में सफल रहा।




इस बीच विश्व चैंपियन अमेरिका के धावक जस्टिन गैटलिन ने विश्व के सबसे बोल्ट और जमैका की टीम की शिकायत का समर्थन करते हुए उनकी चोट के लिए लंबे इंतजार को जिम्मेदार ठहराया है।

रेस के दौरान दौड़ते-दौड़ते अचानक बोल्ट के बाएं पैर में चोट लग गई और वह ट्रैक पर ही गिर पड़े। इसके बाद उन्होंने इसके लिए कार्यक्रम में हुई 45 मिनट की देरी को जिम्मेदार ठहराया।




बोल्ट की इस शिकायत को गैटलिन ने भी समर्थन किया। बोल्ट इसके बाद उठे और उन्होंने रेस पूरी की लेकिन वह जीत नहीं सके। बोल्ट के साथ उनकी टीम में ओमार मैक्लॉड, जूलियन फोर्ट और योहान ब्लैक शामिल थे।

पिछले सप्ताह 100 मीटर की रेस में बोल्ट को हराने वाले गैटलिन ने कहा, मुझे पता है कि यह टीवी कार्यक्रम के कारण हुआ है लेकिन मुझे लगता है कि स्टेडियम के अंदर हमें हाफी देर तक रखा गया, जिससे तमाम वॉर्मअप बेकार चला गया।







यह पूछने पर कि क्या उन्हें लगता है कि इस कारण बोल्ट चोटिल हुए? गैटलिन ने कहा, मुझे ऐसा लगता है। आप को उनके प्रदर्शन के बारे में पता है। वह हमेशा तैयार रहते हैं। बोल्ट की यह कोशिश रहती है कि वे चोटिल न हो। रेस के दौरान बोल्ट का चोटिल होना असाधारण है। (वार्ता)



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