गोल्ड मेडल जीतने वाले दुनिया के पहले पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी बने प्रमोद भगत

Last Updated: शनिवार, 4 सितम्बर 2021 (18:12 IST)
मौजूदा विश्व चैम्पियन ने शनिवार को यहां पुरूष एकल एसएल3 क्लास के फाइनल में ब्रिटेन के डेनियल बेथेल को सीधे सेट से हराकर तोक्यो पैरालंपिक में ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीता।

बैडमिंटन इस साल पैरालंपिक खेलों में पदार्पण कर रहा है। दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी भगत इस तरह खेल में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय बन गये।


शीर्ष वरीय भारतीय और एशियाई चैम्पियन भगत ने योयोगी नेशनल स्टेडियम में 45 मिनट तक चले रोमांचक फाइनल में दूसरे वरीय बेथेल को 21-14 21-17 से मात दी।

भुवनेश्वर का 33 साल का यह खिलाड़ी अभी मिश्रित युगल एसएल3-एसयू5 क्लास में कांस्य पदक की दौड़ में बना हुआ है।

भगत और उनकी जोड़ीदार पलक कोहली रविवार को कांस्य पदक के प्लेऑफ में जापान के दाईसुके फुजीहारा और अकिको सुगिनो की जोड़ी से भिड़ेंगे।
एसएल3-एसयू5 वर्ग में भगत और पलक की जोड़ी को सेमीफाइनल में इंडोनेशिया की हैरी सुसांतो एवं लीएनी रात्रि आकतिला से 3 - 21, 15 - 21 से हार का सामना करा पड़ा।

पांच वर्ष की उम्र में पोलियो के कारण उनका बायां पैर विकृत हो गया था। उन्होंने विश्व चैम्पियनशिप में चार स्वर्ण समेत 45 अंतरराष्ट्रीय पदक जीते हैं।

बीडब्ल्यूएफ विश्व चैम्पियनशिप में पिछले आठ साल में उन्होंने दो स्वर्ण और एक रजत जीते । 2018 पैरा एशियाई खेलों में उन्होंने एक स्वर्ण और एक कांस्य जीता ।मौजूदा विश्व चैम्पियन भगत ने के ही मनोज सरकार को पुरूष एकल ग्रुप ए क्लास एसएल 3 के पहले मैच में 21-10, 21 - 23, 21-9 से हरा दिया था। इसके बाद उन्होंने यूक्रेन के खिलाड़ी को हराया।

सुहास यथिराज और कृष्णा नागर भी अपनी अपनी क्लास में पुरूष एकल फाइनल में पहुंच चुके हैं।एसएल3 क्लास में उन खिलाड़ियों को हिस्सा लेने की अनुमति होती है जिनके पैर में विकार हो।



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