पहले ही क्षण से प्रतिद्वंद्वी को पस्त करने की कोशिश करता हूं: शिव थापा

पुनः संशोधित बुधवार, 1 मई 2019 (16:48 IST)
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नई दिल्ली। शिव थापा ने हाल में चौथा पदक अपने नाम किया और उनका कहना है कि पहले ही क्षण से प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ आक्रामक रवैया अपनाने से वह अच्छी वापसी कर रहे हैं।


पिछला सत्र उनके लिए इतना अच्छा नहीं रहा था। थापा पहले भारतीय मुक्केबाज हैं जिन्होंने लगातार चौथा एशियाई पदक अपने नाम किया। उन्होंने हाल में बैंकाक में समाप्त हुए सत्र में 60 किग्रा में कांस्य पदक जीता जबकि 2013 में स्वर्ण, 2015 में कांस्य और 2017 में रजत पदक अपने नाम किया था।

दो बार के ओलंपियन और विश्व चैम्पियनशिप के कांस्य पदकधारी ने कहा, ‘मैंने और अधिक आक्रामक होने की कोशिश की, अब मैं रिंग में पहले ही क्षण से प्रतिद्वंद्वी को पस्त करने की कोशिश करता हूं। मैंने महसूस किया इतंजार करने का कोई मतलब नहीं।’

उन्होंने कहा, ‘इससे आप बाउट गंवा सकते हो, अब मैं यह समझ गया हूं। आपको लगता है कि आप बड़े हमले के लिए ऊर्जा बचाकर रख रहे हो लेकिन जज इतना लंबा इतंजार नहीं करते। इसलिए अब मैं पहले ही दौर से हमला करने की कोशिश करता हूं। मैं अब आक्रामक हो गया हूं।’



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