Hanuman Chalisa

उज्जैन कुंभ में किन्नरों के खिलाफ पुलिस केस दर्ज

Updated: गुरुवार, 12 मई 2016 (21:00 IST)
उज्जैन (मप्र)। धार्मिक नगरी उज्जैन में चल रहे सिंहस्थ कुंभ मेले में बिना अनुमति के निकाले गए जुलूस और लोगों की तरफ फेंके गए सिक्कों की घटना पर पुलिस ने स्वत: संज्ञान लेते हुए गुरुवार को यहां अज्ञात किन्नरों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
पुलिस का कहना है कि इसके कारण जनता में भगदड़ मच सकती थी और कोई हादसा हो सकता था। इसके साथ ही इस सिंहस्थ कुंभ में पहली दफा शामिल हो रहा किन्नर अखाड़ा परेशानी में घिर गया है।
 
पुलिस अधीक्षक मनोहर वर्मा ने बताया कि किन्नरों द्वारा बुधवार को शहर में निकाले गए जुलूस और इसमें जनता की ओर सिक्के फेंके जाने के मामले में पुलिस ने किन्नरों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। 
 
उन्होंने कहा कि मामला दर्ज करने के बाद हम इस जुलूस और जनता की ओर सिक्के फेंकने, जिसे उठाने की होड़ में लोग लगे थे, में शामिल हुए किन्नरों की पहचान कर रहे हैं।
 
एसपी ने कहा कि आप जानते ही होगें, इसी तरह के जुलूस में सिक्के फेंकने की घटना वर्ष 2003 में नासिक कुंभ में हुई थी। इससे मची भगदड़ में वहां 39 तीर्थयात्रियों की मौत हो गई थी। 
 
किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर लक्ष्मीनारायण के खिलाफ मामला दर्ज करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि हमने अज्ञात किन्नरों के खिलाफ भादंवि की धारा 188 और अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है और मामले में जांच जारी है।
 
लाल और सुनहरी साड़ी में सजे-धजे लगभग 500 किन्नर और लाल साड़ी में उनकी महामंडलेश्वर लक्ष्मीनारायण घोड़े पर सवार होकर जुलूस के रूप में कल क्षिप्रा नदी के गंधर्व घाट पर पहुंचे और पवित्र स्नान किया था। इस अवसर पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।
 
इससे पहले किन्नरों का 9 मई को पवित्र स्नान करने का कार्यक्रम निर्धारित था, लेकिन उन्होंने इसे 12 मई तक के लिए स्थगित कर दिया। हालांकि उन्होंने फिर स्नान कार्यक्रम में बदलाव करते हुए कल 11 मई को जुलूस निकाल कर पवित्र स्नान कर लिया और पुलिस इस सबसे अनजान बनी रही। 
 
कुंभ के इतिहास में यह पहली दफा है कि कुंभ में किन्नरों ने अपना अखाड़ा स्थापित किया और किन्नरों के अधिकारों के लिए लड़ने वाली हिन्दी फिल्मों की कलाकार और भरतनाट्यम नर्तकी लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी को विधिवत अपना अध्यात्मिक गुरु (महामंडलेश्वर) नियुक्त किया है जबकि यहां किन्नरों की उपस्थिति पुरुष साधुओं की इच्छा के विरुद्ध थी।
 
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद द्वारा सिंहस्थ में साधुओं के 13 अखाड़ों को मान्यता दी गई है। अखाड़ा परिषद के प्रमुख मंहत नरेन्द्रगिरि पहले ही अप्रसन्नता जाहिर करते हुए कह चुके हैं कि वे किन्नरों के अखाड़े को मान्यता नहीं दे सकते हैं।  (भाषा) 
 
Show comments

सभी देखें

गुप्त नवरात्रि में ये मंत्र जप लिया तो तुरंत ही दूर होंगे संकट और माता का मिलेगा आशीर्वाद

गुंडिचा मंदिर क्यों है जगन्नाथ रथयात्रा का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव? जानिए 5 खास बातें

भगवान जगन्नाथ की मौसी कौन हैं? जानिए रथयात्रा से जुड़ी यह रोचक परंपरा

गीता के छठे अध्याय के 10वें श्लोक की सही व्याख्या क्या है? मौलाना जरजिस अंसारी के दावे की पड़ताल

पुरी के जगन्नाथ मंदिर और रथयात्रा का इतिहास: कब, कैसे और क्यों हुई शुरुआत?

सभी देखें

25 July Birthday: आपको 25 जुलाई, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 25 जुलाई 2026: शनिवार का पंचांग और शुभ समय

कब होगा गौरी व्रत 2026 प्रारंभ, जानें सही डेट, पूजा विधि और महत्व

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

अगला लेख