Hanuman Chalisa

महापर्व सिंहस्थ क्यों मनाते हैं, जानें ज्योतिषीय तथ्य

कुंभ मेले के आयोजन के संदर्भ में पर्याप्त पौराणिक तथ्य प्राचीन ग्रंथों में उपलब्ध है। ऐसा कहा जाता है कि एक बार देवताओं और दानवों ने रत्नों की प्राप्ति हेतु समुद्र मंथन किया। इस उपक्रम में उन्होंने सुमेरु पर्वत को मथनी तथा शेषनाग को रज्जु बनाया। फलस्वरूप मंथन के उपरांत समु्द्र में से 14 रत्न निकले। इनमें से एक 'अमृतभरा कुंभ' भी था। उक्त घड़े (कुंभ) हेतु देवताओं और दानवों के मध्य छीना-झपटी हुई। 



 
सूर्य, चंद्र, बृहस्पति आदि ग्रहों के पास से होता हुआ अंतत: यह कुंभ इंद्र के पुत्र जयंत के हाथ पड़ा। वह इसे देवलोक में ले गया। अमृत पीकर देवता अमर हो गए। इस भाग-दौड़ में अमृत 4 स्थानों- ना‍सिक, उज्जैन, प्रयाग एवं हरिद्वार में छलका। अमृत के छलकने के कारण प्रत्येक 12 वर्ष उपरांत उक्त स्थानों पर कुंभ पर्व मनाया जाता है। उज्जैन के महाकुंभ को 'सिंहस्थ' भी कहते हैं। इसका धार्मिक महत्व तो है ही, साथ ही ज्योतिष शास्त्र के दृष्टिकोण से भी इसका विशिष्ट महत्व है। 


 
ज्योतिष शास्त्र के मतानुसार ग्रहों की स्थिति एवं गति के आधार पर उक्त चारों स्थलों पर महाकुंभ निम्न योग के आधार पर मनाया जाता है- 
 
(अ) नासिक- नासिक के संबंध में विष्णु पुराण में कहा गया है-
 
कर्के गुरु स्तथा भानुश्चन्द्रश्चन्द्र क्षये तथा।
गोदावर्या तदा कुम्भो जायतेऽवनि मण्डले।।
 
(ब) उज्जैन- उज्जैन हेतु निम्न योग का वर्णन है-
 
मेषराशि गते सूर्ये सिंह राश्या बृहस्पति।
अवन्तिकायां भवे कुम्भ: सदा मुक्ति प्रदायक:।।
 
उज्जैन में स्नान का महत्व इसलिए भी अधिक है, क्योंकि इसमें सिंहस्थ गुरु तथा कुंभ दोनों पर्व मिलते हैं। उज्जैन के कुंभ पर्व में निम्नलिखित 10 योग मुख्‍य होते हैं- 
 
(1) वैशाख मास, (2) शुक्ल पक्ष, (3) पूर्णिमा, (4) मेष राशि पर सूर्य का होना, (5) सिंह राशि पर बृहस्पति का होना, (6) चंद्र का तुला राशि पर होना, (7) स्वाति नक्षत्र, (8) व्यतिपात योग, (9) सोमवार, (10) उज्जैन नगरी का पवित्र स्थल। ये योग प्रति 12वें वर्ष एक साथ आते हैं। 
 
(स) प्रयाग- प्रयाग में कुंभ पर्व का योग निम्नानुसार उल्लेखित है-
 
मकरे च दिनानाथे वृष राशि स्थिते गुरौ।
प्रयागे कुंभ योगो वै माघ मासे विधुक्षये।।
 
(द) हरिद्वार- हरिद्वार में कुंभ पर्व का योग निम्नानुसार उल्लेखित है- 
 
पद्मिनी नायकं मेघे कुंभ राशि गते गुरौ।
गंगा द्वारे भवेद्योग: कुंभनामा तदोत्तनम्।। 


Show comments

सभी देखें

शुक्र का सिंह राशि में गोचर, इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, जरूर करें ये 3 उपाय

अमरनाथ यात्रा 2026: निकलने से पहले जरूर कर लें ये 5 जरूरी तैयारियां, तभी रहेगा सफर सुरक्षित

Vakri Budh Effect: बुध की कर्क राशि में वक्री चाल, इन 3 राशियों को रहना होगा बेहद सतर्क

क्या धरती से टकराएगा विशालकाय उल्कापिंड? जानें कब सच हो सकती है यह भविष्यवाणी

राहु-गुरु का षडाष्टक योग बना, जानें 12 राशियों पर कैसा पड़ेगा असर

सभी देखें

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (05 जुलाई, 2026)

Weekly Horoscope 06 to 12 July 2026: 06 से 12 जुलाई तक कैसा रहेगा आपका सप्ताह? शॉर्ट में पढ़ें साप्ताहिक राशिफल

05 July Birthday: आपको 5 जुलाई, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 5 जुलाई 2026: रविवार का पंचांग और शुभ समय

Weekly Horoscope: 6 से 12 जुलाई 2026 का साप्ताहिक राशिफल, जानें किस राशि की चमकेगी किस्मत