dharma sangrah

सिंहस्थ और दान : जानिए किस दान से मिलेगा क्या फल

Written By WD
Updated: रविवार, 24 अप्रैल 2016 (14:26 IST)
सिंहस्थ में कुछ वस्तुओं के दान महादान की श्रेणी में आते हैं। अग्नि पुराण के अनुसार दस महादान ये हैं-सोना, अश्व (घोड़ा), तिल, हाथी, दासी, रथ, भूमि, घर, वधू और कपिला गाय। वैसे पुराणों में महादान की संख्या सोलह गिनाई गई है। ये इस प्रकार हैं- तुला पुरुष, मनुष्य के वजन के बराबर सोना, चाँदी का दान, हिरण्यगर्भ, ब्रह्माण्ड, कल्पवृक्ष, गोसहस्त्र, कामधेनु, हिरण्याश्व रथ या केवल अश्वरथ, हेमहस्तिरथ या केवल हस्तरथ, पंचलांगल, घटादान, विश्वचक्र, कल्प लता, सप्तसागर, रत्नधेनु और महाभूतघट। 



 
वेद, पुराणों के जमाने में किए जाने वाले ये दान अब ज्यादातर प्रचलन में नहीं हैं। पुराणों में अनेक दानों का वर्णन किया गया है। इनमें गोदान सबसे ज्यादा पुण्य देने वाला व महादानों में श्रेष्ठ माना जाता है। वैसे कहा गया है कि सब दानों में पहला दान तुला दान, उसके बाद हिरण्यगर्भ दान है। कल्पवृक्ष का दान भी महत्वपूर्ण है, इसके बाद हजार गायों के दान को पुण्य देने वाला माना गया है।
 
सोने की गाय, सोने का घोड़ा, सोने की घोड़े सहित गाड़ी, सोने के हाथी की गाड़ी, पाँच हल से जोतने योग्य भूमि, बारह संसार चक्र कल्पवृक्ष, सात समुद्रों का दान, रत्न की गाय का दान, महाभूतों का दान और हाथियों का दान भी महत्वपूर्ण है।



 
शास्त्रों में कहा गया है कि भरत जैसे राजाओं ने ये दान किए थे। संसार के अपकर्मों और पापों से छुटकारा पाने के लिए धनी व्यक्तियों को ये दान करना चाहिए।
 
जीवन क्षणभंगुर है, लक्ष्मी चंचला है वह हमेशा किसी के पास नहीं रहती। इसलिए धन होने पर दान करना ही उसकी शोभा है। तीर्थराज प्रयाग में महाराज रघु, मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम, सम्राट समुद्रगुप्त और शीलादित्य सम्राट हर्षवर्धन ने अनेक दान किए थे। इन दान का विवरण मिलता है। 
 
सम्राट हर्षवर्धन हर पांचवें या छटे साल कुंभ मेले में जाते थे। वह बारी-बारी भगवान सूर्य, शिव और बुध का पूजन करते थे। पूजन के बाद ब्राह्मणों, आचार्यों, दीनों, बौद्ध संघ के तपस्वी भिक्षुओं को दान देते थे। इस दान के क्रम में वह लाए हुए अपने खजाने की सारी चीजें दान कर देते थे। वह अपने राजसी वस्त्र भी दान कर देते थे।। फिर वह अपनी बहन राजश्री से कपड़े मांगकर पहनते थे। 





Show comments

सभी देखें

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?

चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय

सभी देखें

बुध का अश्लेषा नक्षत्र में प्रवेश: 4 राशियों के लिए खुलेंगे तरक्की और धन लाभ के रास्ते, जानें किसे मिलेगा फायदा

14 अगस्त पाकिस्तान स्वतंत्रता दिवस 2026: कुंडली में क्या कह रहे हैं ग्रह? जानें आने वाले समय में पाकिस्तान का भविष्य

14 August Birthday: आपको 14 अगस्त, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (14 अगस्‍त, 2026)

शनि की रेवती नक्षत्र में बदली चाल, मेष समेत 4 राशियों पर 50 दिन तक रहेगा असर; रहें सतर्क